रुद्रप्रयाग, [जेएनएन]: यदि केदारनाथ धाम की यात्रा पर आने की योजना है तो 'दिल' का ख्याल रखें। समुद्रतल से साढ़े ग्यारह हजार फीट की ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और लगातार चढ़ाई में रक्तचाप का अनियमित होना सेहत पर भारी पड़ सकता है। चिकित्सकों की सलाह है कि यदि आपकी आयु 60 वर्ष अथवा इससे अधिक है तो विभिन्न पड़ावों पर स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं। बीते बीस दिनों में यहां हृदय गति रुकने से 16 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अधिकतर वृद्धजन हैं। 

दरअसल, केदारनाथ में यह सिलसिला नया नहीं है। बीते साल यहां 38 यात्रियों की हार्ट अटैक से जान चली गई थी, जबकि वर्ष 2012 में सर्वाधिक 73 लोगों ने जान गंवाई। रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय में तैनात वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजीव गैरोला कहते हैं कि मरने वाले लोगों में गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रदेशों के बुजुर्गों की संख्या अधिक है। 

वजह यह कि वहां की जलवायु अपेक्षाकृत गर्म है, जबकि केदारनाथ में गर्मियों के सीजन में भी न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया जाता है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा होने के बावजूद अधिकतर यात्री इसका लाभ नहीं उठाते।

डॉ. गैराला के अनुसार प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ तक 16 किलोमीटर की दूरी में प्रत्येक पड़ाव पर मेडिकल कैंप हैं। यहां बीस दिन में 21 हजार यात्रियों ने परीक्षण कराया है, जबकि इस अवधि में दो लाख से ज्यादा लोग दर्शनों को आ चुके हैं। 

उन्होंने बताया कि  इनमें से सिर्फ केदारनाथ में ही 11 हजार मरीजों का परीक्षण किया गया। इनमें से ज्यादातर को में सांस लेने में दिक्कत और रक्तचाप बढ़ना पाया गया।

रुद्रप्रयाग के मुख्य चिकित्साधिकारी एसके झा बताते हैं कि केदारनाथ में दो हृदयरोग विशेषज्ञ तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सोनप्रयाग से केदारनाथ तक  डाक्टर, फार्मेसिस्ट एवं वार्ड ब्वाय का 50 कर्मचारियों का पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात है। 

इसमें गौरीकुंड, जंगलचटटी, घिनुरपानी, रामबाड़ा, छोटी लिनचौली, बडी लिनचौली, भैरव गदेरे, रुद्रा प्वाइंट, बेस कैंप के साथ ही केदारनाथ समेत 14 स्थानों पर मेडिकल रिलीफ प्वाइंट बनाए गए हैं।  यहां डाक्टर, फार्मेसिस्ट एवं वार्ड ब्वाय तैनात हैं। 

वृद्धजनों को चिकित्सकों की सलाह

-गौरीकुंड में अपना स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं। जरूरत पडऩे पर विभिन्न पड़ावों पर रक्तचाप की जांच भी कराएं। 

-पैदल की बजाए घोड़ा, खच्चर या पालकी का उपयोग करें

-यात्रा के बीच में कुछ देर के लिए आराम अवश्य करें

-पर्याप्त संख्या में गर्म कपड़े अपने पास रखें

-हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, श्वास के रोगी बिना डाक्टर के परामर्श के यात्रा न करें

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Posted By: Bhanu

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