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केदारनाथ में 'कैरी मी बैक पॉलिसी', 4732 श्रद्धालुओं की मदद से 12 टन सूखा कूड़ा पहुंचा गौरीकुंड

Published: Wed, 23 Sep 2026 03:13 PM (IST)

केदारनाथ धाम में 'कैरी मी बैक पॉलिसी' के तहत 4732 श्रद्धालुओं की मदद से 12 टन सूखा कूड़ा गौरीकुंड पहुंचाया गया है।

4732 श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से अभियान में लिया हिस्सा, यात्रा सीजन में जारी रहेगा अभियान. Jagran

4732 श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से अभियान में लिया हिस्सा, यात्रा सीजन में जारी रहेगा अभियान. Jagran

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संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में सूखे कूड़े के प्रभावी प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन की ‘कैरी मी बैक पॉलिसी’ कारगर साबित हो रही है।

नगर पंचायत केदारनाथ द्वारा हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन एवं सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से संचालित अभियान के तहत अब तक 4732 श्रद्धालुओं की सहभागिता से 12 टन सूखा कूड़ा केदारनाथ धाम से गौरीकुंड पहुंचाया जा चुका है।

अभियान में श्रद्धालु स्वेच्छा से कर रहे भागीदारी

यात्राकाल में धाम को स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस अभियान में श्रद्धालु स्वेच्छा से भागीदारी कर रहे हैं। इसके तहत श्रद्धालुओं को केदारनाथ धाम में विशेष बैग उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनमें वे करीब 4 से 5 किलोग्राम सूखा कूड़ा एकत्र कर अपने साथ गौरीकुंड तक लाते हैं।

इसमें मुख्य रूप से प्लास्टिक की बोतलें, रैपर, पैकेजिंग सामग्री एवं अन्य सूखा अपशिष्ट शामिल है। अभियान का संचालन उपजिलाधिकारी ऊखीमठ एवं प्रभारी अधिकारी नगर पंचायत केदारनाथ के निर्देशन में किया जा रहा है।

हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन श्रद्धालुओं को कूड़ा संग्रहण के लिए बैग उपलब्ध कराने के साथ गौरीकुंड में उसके सुरक्षित संग्रहण की व्यवस्था कर रहा है। वहीं सुलभ इंटरनेशनल द्वारा एकत्रित कूड़े के परिवहन एवं निर्धारित मानकों के अनुसार निस्तारण की जिम्मेदारी निभाई जा रही है।

नगर पंचायत केदारनाथ के अधिशासी अधिकारी नीरज कुकरेती ने बताया कि अभियान के तहत अब तक 12 टन सूखा कूड़ा गौरीकुंड पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यात्रा अवधि में अभियान लगातार जारी रहेगा। श्रद्धालुओं की सहभागिता से केदारनाथ धाम को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।