रुद्रप्रयाग, जेएनएन। केदारनाथ आने वाले यात्रियों को अब धाम में दो किमी की दूरी पैदल नहीं तय करनी पड़ेगी। इसके लिए प्रशासन ने केदारपुरी में रुद्रा प्वाइंट से मंदिर तक वैष्णो देवी की तर्ज पर जल्द ई-रिक्शा चलाने की योजना बनाई है। इसके तहत डीडीएमए (जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) की लोनिवि शाखा ने रुद्रा प्वाइंट से ट्रैक बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। 

अक्टूबर में इस पर ई-रिक्शा का ट्रायल किया जाना है। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद केदारनाथ की पैदल दूरी 14 से बढ़कर 16 किमी हो गई है। साथ ही पैदल मार्ग पर चढ़ाई भी पहले की अपेक्षा काफी कठिन है। लिनचोली से केदारनाथ तक यात्रियों को खड़ी चढ़ाई नापनी पड़ती है। यह मार्ग भीमबली से दूसरी ओर की पहाड़ी पर बनाया गया है, जो लिनचोली से रुद्रा प्वांट होते हुए केदारनाथ धाम पहुंचता है। रुद्रा प्वांट से मंदिर तक दो किमी पैदल मार्ग सीधा एवं समतल है। इसलिए यहीं तक घोड़ा-खच्चर आवाजाही होती है।

यहां से मंदिर तक दो किमी का सफर यात्रियों को पैदल तय करना पड़ता है, जिससे बुजुर्ग यात्रियों को काफी परेशानी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन रुद्रा प्वांट से केदारनाथ तक बैटरी चालित ई-रिक्शा के संचालन की कवायद में जुट गया है। डीडीएमए की लोनिवि शाखा इसके लिए ट्रैक तैयार कर रही हैं। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि प्रशासन इसी यात्रा सीजन के दौरान अक्टूबर में ई-रिक्शा का ट्रायल लेगा और उम्मीद है कि इसके बाद ट्रैक पर ई-रिक्शा चलने लगेंगे। यानी पैदल यात्री तब 16 किमी की बजाय 14 किमी ही पैदल चलेंगे। 

पीएम की देशवासियों से केदारनाथ आने की अपील 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में एक बार फिर देशवासियों से केदारनाथ समेत चारधाम यात्रा पर आने की अपील की। पीएम ने कहा कि देशभर से लोग हिमालय में प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर तीर्थस्थलों का भ्रमण जरूर करें। इससे पूर्व बीती 18 मई को जब पीएम मोदी दो-दिवसीय भ्रमण पर केदारनाथ आए थे, तब भी उन्होंने देशवासियों से केदारनाथ अवश्य आने की अपील की थी। इसके अलावा पीएम ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 'मन की बात' कार्यक्रम में जल संरक्षण को लेकर उत्तरांखड, खासकर केदारघाटी में किए जा रहे कार्यो की सराहना की थी। 

इस बार उन्होंने केदारनाथ धाम बड़ी संख्या में पहुंच रहे यात्रियों का जिक्र किया। कहा कि मात्र ढाई महीने में ही आठ लाख से अधिक यात्री केदारनाथ पहुंच चुके है, जो कि एक रिकॉर्ड है। विदित हो कि इस बार श्रावण में रोजाना ढाई हजार से अधिक यात्री बाबा के दर्शनों को केदारनाथ पहुंच रहे हैं। जबकि, बीते में यह संख्या चार-पांच सौ के आसपास रहती थी।

यह भी पढ़ें: यहां पर सच्चे मन से शिव का किया गया अभिषेक नहीं जाता कभी खाली

यह भी पढ़ें: सावन के दूसरे सोमवार को शिव मंदिरों में जलाभिषेक को उमड़े श्रद्धालु

यह भी पढ़ें: मान्यता है यहां घटता और बढ़ता है शिवलिंग, जानिए इस मंदिर का महत्व

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस