संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: वर्ष 1944 में अंग्रेजों की बनाई डाट पुलिया को चार धाम रोड निर्माण के चलते तोड़ा जा रहा है। इस पुलिया की जगह दूसरा पुल बनाया जाएगा। वहीं, बिना किसी योजना के पुलिया को तोड़े जाने का खामियाजा आम शहरवासियों को उठाना पड़ रहा है। इससे शहर में मूलभूत सुविधाएं ध्वस्त हो गई हैं, वहीं, समीप बदरीनाथ हाईवे खतरनाक हो गया है और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।

चारधाम परियोजना के तहत रुद्रप्रयाग शहर के बीचोंबीच डाट पुलिया को गत रविवार को तोड़ दिया गया था। डाट पुलिया को तोड़ने से शहर के लिए जा रही पेयजल लाइनें, ओएफसी, विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई। पुल को क्षतिग्रस्त करने से पहले जल संरस्थान, विद्युत विभाग, दूरसंचार सेवाओं की अस्थाई व्यवस्थाएं तक नहीं की गई, जिस कारण पुल टूटने के साथ ही शहर में इन सभी मूलभूत सुविधाओं की दिक्कत पैदा हो गई है। जल संस्थान ने पेयजल लाइन नहीं जोड़ी है, जबकि चार दिन से दूरसंचार सेवा भी बहाल नहीं हो पाई है। शहर में दूरसंचार का नेटवर्क पूरी तरह ठप पड़ा है। तहसील में नेटवर्क न होने से छात्रों के प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं बन पा रहे हैं, जिससे आम लोगों में रोष है। व्यापारी सुधीर चौधरी ने कहा कि नेटवर्क ठप पड़ा है, जिससे कोई भी प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है।

वहीं, पुलिया को तोड़ने से यहां बद्रीनाथ हाईवे काफी खतरनाक हो गया है। नेशनल हाईवे के अधिकारियों ने कटिग से पहले यहां पर हाईवे को चौड़ा भी नहीं किया गया, जिससे पूरा हाईवे दरकने से दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। वहीं उप जिलाधिकारी सदर बृजेश तिवारी ने कहा कि इस संबंध में कार्यदायी संस्था को कार्रवाई के लिए कहा गया है। सभी विभागों को भी व्यवस्था जल्द से जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए गए हैं।

Posted By: Jagran

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