रुद्रप्रयाग, [जेएनएन]: रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को शहर के सबसे दूषित नाले की सफाई करते देख लोग हैरत में पड़ गए। हालांकि उनके साथ सरकारी अमला भी था, लेकिन डीएम स्वयं जुटे हुए थे। 

इसके बाद स्थानीय युवाओं भी नाले की सफाई में सहयोग दिया। इस मौके पर डीएम ने नगरपालिका को निर्देश दिया कि नदी व नालों के किनारे सीसीटीवी लगाएं। इससे उन लोगों की पहचान की जा सकेगी जो नदी-नालों के किनारे कचरा डाल रहे हैं।

रुद्रप्रयाग के पास बहने वाला पुनाड़ गदेरे (बरसाती नाला) में कचरे के ढेरे के कारण बहाव भी प्रभावित हो रहा था। इस पर जिलाधिकारी सरकारी अमले के साथ वहां पहुंचे और सफाई अभियान चलाया। जिलाधिकारी को सफाई करते देख साथ आए अफसर भी हाथ बंटाने लगे। 

नाले के आसपास की झाड़ियां साफ करने के साथ पॉलीथिन और दूसरा कचरा एकत्र किया गया। इस अवसर पर डीएम ने कहा कि नदी तट और नाले में कूड़ा डालने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यापारी अपनी दुकान के सामने अनिवार्य रूप से कूड़ादान रखने का भी कहा।

पानी में घुले हैं रसायन

पानी में मिले हुए कीटनाशक का हमारे शरीर पर दूरगामी प्रभाव पड़ता है। इससे नर्वस सिस्टम तो प्रभावित होता ही है, इसके अलावा कीटनाशक में पाए जाने वाले रसायन के कारण प्रजनन क्षमता तक प्रभावित हो सकती है। भूमिगत संक्रमित जल में लेड की मात्रा भी पाई जाती है। लेड पानी के माध्यम से हमारे शरीर में जाकर जमा हो जाता है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों और महिलाओं पर पड़ता है। पीने योग्य पानी में कभी-कभी नाइट्रेट्स भी मिले होते हैं। यह फॉर्मूला दूध पीने वाले शिशु के लिए प्राणघातक सिद्ध हो सकता है। नाइट्रेट्स मस्तिष्क तक पहुंचने वाले ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर देते हैं, जिनके कारण बच्चों में ‘ब्लू बेबी सिंड्रोम’ उत्पन्न हो सकता है। नाइट्रेट्स आंत के कैंसर के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।

कई बीमरियां की चपेट में ले सकता है दूषित पानी 

यदि पीने का पानी दूषित है तो कई बीमरियां चपेट में ले सकती हैं। ये बीमारियां गंदे पानी में रहने वाले छोटे-छोटे जीवाणुओं के कारण होती हैं, जो गंदे पानी के साथ से हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे पानी की वजह से होने वाली बीमारियों के कई कारक हो सकते हैं, जिनमें वायरस, बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ और पेट में होने वाले रिएक्शन प्रमुख हैं। गंदा पानी पीने से बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है, जिसकी वजह से हैजा, टाइफाइड, पेचिश जैसी बीमारियां आसानी से किसी को भी अपना शिकार बना सकती हैं। इसके अलावा गंदा पानी पीने से वायरल इंफेक्शन भी हो सकता है। वायरल इंफेक्शन के कारण हेपेटाइटिस ए, फ्लू, कॉलरा, टायफाइड और पीलिया जैसी खतरनाक बीमारियां होती हैं। इससे कई संक्रामक बीमारियां भी फैलती हैं। ये बीमारियां हाथ मिलाने, गले लगने, एक-दूसरे का रुमाल उपयोग करने व एक साथ खाना खाने से फैलती हैं। इनमें बुखार, पेचिश, हैज और आइफ्लू व आंख आने जैसी बीमारियां भी प्रमुख हैं।

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By Bhanu