संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: सीएमओ द्वारा चम्पावत जिले की आशाओं को निकालने का आदेश तत्काल बिना शर्त वापस लेने समेत छह सूत्रीय मांगों को लेकर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित उछोली ने सोमवार को सीएम को ज्ञापन भेजा। उन्होंने मांगों पर कार्रवाई न होने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।

सीएम को भेजे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन में आशाओं ने फ्रंट लाइन वर्कर्स की भूमिका निभाई है। लेकिन उसके लिए उनको कोई भत्ता नहीं दिया गया है, बल्कि इसके ठीक उलट अपने काम का दाम मांगने वाली आशाओं को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। बता दें चम्पावत मुख्य चिकित्साधिकारी ने 264 आशाओं को निकालने के आदेश जारी किए हैं और उधम सिह नगर जिले में भी ऐसी आशाओं की लिस्ट तैयार हो रही है।

यह है मुख्य मांगे :

- आशाओं को कोरोना महामारी के समय का लॉकडाउन भत्ता दस हजार रुपए मासिक की दर से भुगतान किया जाए।

- आशाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देते 18 हजार रुपये का वेतन दिया जाए।

- आशा वर्कर के सेवानिवृत्त होने पर पेंशन का प्रावधान लागू हो।

- ड्यूटी के समय दुर्घटना होने की स्थिति में आशाओं को न्यूनतम दस लाख रुपये मुआवजे का प्रावधान ।

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