संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा मार्ग से जुड़े व्यापारियों को ऋण चुकाने के लिए बैंक के नोटिस आने से उनकी चिंता बढ़ गई है। कोरोना महामारी के चलते चारधाम यात्रा पूरी तरह स्थगित कर दी गई है।

कोरोना संक्रमण के चलते केदारनाथ यात्रा स्थगित होने से यात्रा मार्ग से जुड़े हजारों परिवारों की आर्थिकी प्रभावित हो गई है। लोग घरों में बेरोजगार बैठे हैं। वहीं, बाजारों में सन्नाटा पसरा है। दूसरी तरफ, जिन कारोबारियों ने बैंक से ऋण लिया था, उनके लिए किश्त चुकाने में मुश्किल हो रही है। प्रभावित होटल और अन्य कारोबारियों ने बिजली और पानी के बिल माफ करते हुए विशेष राहत पैकेज देने की मांग की है। यात्रा स्थगित होने से गुप्तकाशी, फाटा, सोनप्रयाग, गौरीकुंड और केदारपुरी में यात्राकाल में होटल, लॉज, रेस्टोरेट आदि से जुड़ा कारोबार करने वाले दो हजार से अधिक होटल और लॉज व्यापारी प्रभावित हुए हैं। जबकि, दस हजार से अधिक छोटे व्यापारी प्रभावित हुए हैं। इन व्यापारियों के परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है। केदार घाटी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी, सचिव नितिन जमलोकी, जगत सिंह रावत आदि का कहना है कि 85 फीसद कारोबारियों ने बैंक से ऋण लिया है। यात्रा स्थगित होने से कारोबार चौपट हो गया है। यात्रा स्थगित होने से कारोबारियों के सामने ऋण की किश्त जमा करना तो दूर अपनी आजिविका चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से यात्रा से जुड़े कारोबारियों को राहत पैकेज जारी करने के साथ ही प्रतिष्ठानों के बिजली, पानी के बिल माफ करते हुए बैंक ऋण के ब्याज को माफ करने की मांग की है। केदारघाटी के फाटा कस्बे में व्यापारी अशोक कुनियाल ने बीते वर्ष भारतीय स्टेट बैंक से लॉज व रेस्टोरेंट बनाने के लिए 10 लाख का ऋण लिया था। फरवरी में निर्माण कार्य पूरा होने के साथ रंग-रोगन भी हो चुका है। लेकिन, कोरोना संक्रमण के कारण यात्रा स्थगित होने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। व्यापारी प्रमोद नौटियाल ने बताया कि दो वर्ष पूर्व होटल व्यवसाय के लिए बैंक से 20 लाख का ऋण लिया था, लेकिन कोरोना के बीते दो वर्ष भी केदारनाथ यात्रा का संचालन नहीं होने से आजिविका पर संकट आ गया है। इन हालातों में ऋण की किश्त भी जमा नहीं कर पा रहे हैं। बीते तीन माह में ऋण जमा के लिए बैंक से तीन नोटिस मिल गए हैं। वहीं लीड बैंक अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि नियमों के तहत उपभोक्ता को बैंक लोन की किश्त तय समय में जमा करनी होती है। आने वाले दिनों में इस संबंध में जो भी दिशा-निर्देश जारी होंगे, उसी के आधार पर कार्य किया जाएगा।

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