संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग के भवन निर्माण में हो रही देरी का स्थानीय जनता ने घोर विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जवाड़ी उत्यासू में चयनित भूमि पर शीघ्र निर्माणाधीन महाविद्यालय भवन का काम शुरू नहीं किया जाता है, तो क्षेत्रीय जनता को आंदोलन के लिए मजबूर होना पडे़गा।

ग्रामीणों ने डीएम के माध्यम से सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि प्रशासन और भूगर्भीय रिपोर्ट के आधार पर ही जवाड़ी के उत्यासू तोक में महाविद्यालय भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। महाविद्यालय की स्थापना के एक दशक बाद जवाड़ी में महाविद्यालय के भवन का निर्माण भी शुरू हो गया था। लाखों रुपये का बजट खर्च करने के बाद अचानक वर्ष 2017 में यहां पर रेतीली भूमि के नाम पर भवन का निर्माण को रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की ओर से महाविद्यालय के निर्माण की दिशा में शीघ्र कार्रवाई न होने पर जनता में खासा आक्रोश देखा गया। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व कैबिनेट मंत्री धन ¨सह रावत, विधायक भरत ¨सह चौधरी और जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को भी निर्माण के लिए अवगत कराया गया है। इससे पूर्व जिलाधिकारी ने जवाड़ी के थामड़ तोक में भी 35 नाली भूमि का निरीक्षण किया। लोगों ने कहा कि यदि महाविद्यालय को जवाड़ी से बाहर ले जाने का प्रयास किया गया तो जनता उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी। ज्ञापन में सामाजिक कार्यकर्ता जगदम्बा नौटियाल, प्रधान जवाड़ी कुंवर सत्यार्थी, जवाड़ी की क्षेत्र पंचायत सदस्य उमा देवी, रौठिया की सुशीला देवी, रौठिया की ग्राम प्रधान बलवीर ¨सह, दरमोला की किरन रावत, सुदंर ¨सह कप्रवान, रणजीत कप्रवान समेत कई लोगों के हस्ताक्षर हैं।

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