रुद्रप्रयाग, जेएनएन। केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद भी कड़ाके की ठंड के बीच वहां पुनर्निर्माण कार्य जोरों पर चल रहे हैं। खासकर आद्य शंकरचार्य की समाधि के दूसरे चरण का निर्माण कार्य हैं। अब समाधि आकार लेने लगी है। 

केदारपुरी में जिन पांच योजनाओं का शिलान्यास अक्टूबर 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, उनमें से चार पर कार्य पूरा हो चुका है। ये योजनाएं हैं मंदिर के सामने पैदल मार्ग का चौड़ीकरण व चबूतरे का निर्माण, गरुड़चट्टी को केदारनाथ जोडऩा, मंदाकिनी नदी पर बाढ़ सुरक्षा कार्य व घाट का निर्माण और तीर्थ पुरोहितों के लिए भवनों का निर्माण। 

इस समय आद्य शंकराचार्य की समाधि का निर्माण कार्य जारी है। केदारपुरी में इन दिनों सुबह-शाम कड़ाके के ठंड पड़ रही है और तापमान शून्य से नीचे पहुंच जा रहा है। रविवार को बर्फबारी होने के बाद तो ठंड काफी बढ़ गई है। बावजूद इसके मजदूर दिनभर निर्माण में जुटे हैं।

समाधि का निर्माण कर रहे वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रबंधक मनोज सेमवाल ने बताया कि समाधि का निर्माण तीन चरणों में पूरा होना है। प्रथम चरण में 40 मीटर गोलाई वाला छह मीटर गहरा तैयार कर लिया गया है। दूसरे चरण में आरसीसी से निर्माण होना है, जो इन दिनों किया जा रहा है।

अंतिम चरण में सुंदरीकरण का काम होगा। बताया कि समाधि पर आठ एमएम से लेकर 25 एमएम मोटाई का कुल 400 टन सरिया लगेगा। अब तक सौ टन सरिया इस्तेमाल किया जा चुका है, जबकि 300 टन सरिया जनवरी तक घोड़े-खच्चर व मजदूरों की मदद से धाम में पहुंचा दिया जाएगा। 

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सेमवाल ने बताया कि 15 करोड़ की लागत से समाधि का निर्माण होना है। समाधि कपाट खुलने से पहले बनकर तैयार हो जाएगी। यदि मौसम ने कोई बड़ी बाधा खड़ी न की तो तय समय से पहले कार्य के पूर्ण होने की उम्मीद है।

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Posted By: Bhanu

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