संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग: मंदाकिनी शरदोत्सव विकास मेले के आयोजन को लेकर हुई पहली बैठक आपसी मतभेद के चलते हंगामे की भेंट चढ़ गई। बाद में मेलाधिकारी व एसडीएम रुद्रप्रयाग के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह बैठक शुरू हुई तो सदस्यों की कम उपस्थिति के कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी। अब अगली बैठक 18 अक्टूबर को होगी।

अगस्त्यमुनि में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर लगने वाले पांच दिवसीय मंदाकिनी शरदोत्सव एवं औद्योगिक कृषि विकास मेले के आयोजन को लेकर मेला कमेटी की ओर से बैठक बुलाई गई थी। नगर पालिका अध्यक्ष अरूणा बेंजवाल की अध्यक्षता में बैठक शुरू होते ही उन्होंने बैठक की सूचना समय से नहीं देने पर नाराजगी जताई। कहा कि इसी कारण से बैठक में कमेटी के ज्यादातर सदस्य मौजूद नहीं रह पाए। वहीं व्यापार संघ अध्यक्ष मोहन रौतेला ने मेला कमेटी पर व्यापारियों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि मेले को निर्धारित समय से अधिक समय तक चलाया जाता है, जिससे स्थानीय व्यापारियों को नुकसान झेलना पड़ता है। वहीं कुछ सदस्यों ने मेला कमेटी पर सबको साथ लेकर न चलने और आय-व्यय में गड़बड़ी का आरोप लगाया। मेला कमेटी के सचिव हर्षवर्धन बेंजवाल ने बताया कि दस दिन पूर्व ही इसकी सूचना समाचार पत्र के माध्यम से दी जा चुकी थी, मगर उपस्थित अधिकांश सदस्यों ने सूचना समय पर न मिलने की शिकायत की। मेला बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018 में आयोजित मेले के लिए विधायक केदारनाथ मनोज रावत ने एक लाख रुपये एवं शासन द्वारा घोषित दो लाख रुपये की धनराशि अभी तक मेला कमेटी नहीं मिल पाई है। जिसकी वजह से मेला कमेटी पर पिछले मेले की देनदारी बकाया है। बैठक में उपस्थित एसडीएम रुद्रप्रयाग बृजेश कुमार तिवारी ने मेला कमेटी से अगली बैठक में आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि मेले के आयोजन में सबसे अधिक दिक्कतें संसाधनों की होती है। जिसके लिए सबको मिल बैठकर इसमें सहयोग करना चाहिए। मेले के आयोजन को लेकर अब अगली बैठक 18 अक्टूबर को सायं चार बजे बुलाई गई है।

इस अवसर पर मेला संयोजक विक्रम नेगी, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख रमेश बेंजवाल, सभासद उमा भट्ट, भूपेन्द्र राणा, मंजू देवी, सुचिता देवी, वंदना देवी, राजेन्द्र भंडारी, हरिहर रावत, माधुरी नेगी समेत कई लोग उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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