संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग : Avalanche In Kedarnath : केदारनाथ धाम के ठीक पीछे चौराबाड़ी ग्लेशियर के पास हिमखंड टूटने की घटनाओं की जांच के लिए वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान देहरादून के विज्ञानियों की पांच सदस्यीय टीम मौके पर पहुंच गई है। इसके अलावा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(डीडीएमए) व एसडीआरएफ की टीम भी चौराबाड़ी में कैंप करके वहां लगातार निगरानी कर रही हैं। अब तक केदारनाथ धाम के ऊपर हिमखंड के टूटने की दो घटनाएं हो चुकी हैं।

वाडिया संस्थान के विज्ञानियों की टीम पहुंची केदारनाथ

सोमवार को वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के विज्ञानियों की टीम केदारनाथ धाम से पांच किमी दूर चौराबाड़ी पहुंची। इसी क्षेत्र में अब तक पिछले 10 दिन में दो बार हिमखंड टूटने की घटना हो चुकी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार ने बताया कि हिमखंड टूटने की घटनाओं के बाद डीडीएमए के डायरेक्टर ने चौराबाड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया।

वाडिया की टीम भी वहां पहुंच गई है। बताया कि बीते एक सप्ताह से डीडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम चौराबाड़ी में कैंप कर रही हैं। हालांकि, दो बार हिमखंड टूटने से कोई नुकसान नहीं हुआ और मंदाकिनी व सरस्वती नदी का जलस्तर भी नहीं बढ़ा। बताया कि इस तरह की घटनाएं उच्च हिमालयी क्षेत्र में अक्सर घटती रहती हैं।

राज्यपाल का बदरीनाथ व हेमकुंड दौरा आज से

सूबे के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह मंगलवार को हेलीकाप्टर से सुबह बदरीनाथ आएंगे। राज्यपाल अधिकारियों के साथ बैठक कर फिर दोपहर को बदरीनाथ धाम का भ्रमण करेंगे। राज्यपाल रात्रि विश्राम भी धाम स्थित एक निजी होटल में करेंगे।

पांच अक्टूबर को सुबह राज्यपाल साढ़े आठ बजे बदरीनाथ धाम से घांघरिया के लिए हेली से जाएंगे। उनका पैदल मार्ग से हेमकुंड जाने का भी कार्यक्रम है। राज्यपाल हेमकुंड यात्रा के दौरान यहां की व्यवस्थाओं का भी जायजा लेंगे। दोपहर बाद राज्यपाल देहरादून वापस लौटेंगे। पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने बताया कि राज्यपाल की बदरीनाथ व हेमकुंड यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के सभी इंतजाम किए गए हैं।

Edited By: Nirmala Bohra

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