रुद्रप्रयाग, जेएनएन। मंगलवार सुबह भारतीय वायु सेवा के हेलीकाप्टर चिनूक ने भारी मशीनें केदारनाथ पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। पहली शिफ्ट में चिनूक पोकलैंड के कुछ पाटर्स ले गया। भारतीय वायु सेवा का मालवाहक हेलीकाप्टर चिनूक के सोमवार को देर शाम गोचर हेलीपैड पर पहुंचा था। तय समय पर मंगलवार सुबह लगभग आठ बजे चिनूक ने केदारनाथ के लिए उड़ान भरी। यहां पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकारण रुद्रप्रयाग की टीम की देख-रेख में मशीनें भेजी जा रही हैं। जो अलग-अलग पार्ट कर रखे गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लोनिवि शाखा के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि गोचर हेलीपैड से भारी मशीने केदारनाथ पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। उम्मीद है कि दो से तीन दिन के भीतर सभी मीशीने पहुंच जाएंगी। इसके बाद पुर्ननिर्माण कार्यों में तेजी आएगी।

चिनूक हेलीकॉप्टर सोमवार शाम 4.30 बजे गौचर हेलीपैड पहुंच चुका था। यहां जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की देखरेख में तीन मशीनें रखी गई हैं। इसमें एक पोकलैंड, टिप्पर व एक डंफर शामिल हैं। इससे पूर्व वर्ष 2015 में भी वायु सेवा के मालवाहक हेलीकॉप्टर एमआइ-26 से कई भारी मशीनें केदारनाथ पहुंचाई गई थी। जबकि, वर्ष 2013 में आपदा के बाद वायु सेना के एमआइ-17 मालवाहक हेलीकॉप्टर ने धाम में भारी सामान पहुंचाया था।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लोनिवि शाखा के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि चिनूक हेलीकॉप्टर सोमवार से तीन दिन तक केदारनाथ के लिए उड़ान भरेगा। गौचर हेलीपैड पर मशीनों को अलग-अलग पार्ट में रखा गया है। इन्हें धाम में असेंबल किया जाएगा। मशीनें पहुंचाने का काम आज से शुरू हो गया है।

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