रुद्रप्रयाग, जेएनएन। केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग भी अपनी तैयारियों में जुट गया है। यात्रा के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए विभाग ने सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 13 स्थानों पर मेडिकल रिलीव सेंटर बनाए हैं। जबकि इस बार त्रियुगीनारायण, चोपता और मद्महेश्वर में भी मेडिकल रिलीव सेंटर बनाए गए। जिसमें डॉक्टरों के साथ ही फार्मसिस्ट और वार्ड ब्वॉय अपनी सेवाएं देंगे। इस बार यात्रा के लिए शासन से 24 डॉक्टरों के साथ ही फार्मसिस्ट समेत 50 पैरामेडिकल स्टाफ की मांग भी की है। 

सात मई से चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है। विश्व प्रसिद्ध धाम केदारनाथ के कपाट नौ मई को देश-विदेश के श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। यात्रा व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी कमर कस ली है। केदारनाथ यात्रा पर आने वाले अधिकांश श्रद्धालुओं को ऑक्सीजन की कमी और विकट भौगोलिक परिस्थिति के कारण हार्ट अटैक समेत कई बीमारियों से दोचार होना पड़ता है। इसी को देखते हुए इस बार प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है। 
स्वास्थ्य विभाग ने सोनप्रयाग, गौरीकुंड, छौडी, भीमबली, जंगलचट्टी, रामबाड़ा, छोटी लिनचोली, बड़ी लिनचोली, छानी कैंप, भैरव ग्लेशियर, रुद्रा प्वाइंट, निम टैंट कॉलोनी, हेलीपैड और केदारनाथ में मेडिकल रिलीव सेंटर बनाए हैं। इसके अलावा इस बार त्रियुगीनारायण, तुंगनाथ चोपता और मद्महेश्वर में भी मेडिकल रिलीव सेंटर बनाए गए हैं। जिससे यात्रा के दौरान यात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया की जा सके। 
इन केंद्रों के संचालन के लिए डॉक्टर, फार्मसिस्ट और वार्ड ब्वॉय के लिए विभाग ने शासन को पत्र भेजा है। जिसमें यात्रा के लिए 24 डॉक्टर के साथ ही फार्मसिस्ट समेत 50 पैरामेडिकल स्टाफ की मांग की है। जिसमें आठ स्पेशल डॉक्टर मांगे गए हैं। इसके अलावा केंद्र में आवश्यकता वाली दवाइयों एवं ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग भी की है। सीएमओ डॉ. एसके झा ने बताया कि सोनप्रयाग से केदारनाथ तक कुल 13 मेडिकल रिलीव सेंटर स्थापित किए गए हैं। 
इसके अलावा तीन अन्य स्थानों पर भी पहली बार मेडिकल रिलीव सेंटर बनाए गए हैं। यात्रा के लिए शासन से आठ स्पेशल डॉक्टरों समेत 24 डॉक्टरों की मांग की गई है। यात्रा से पहले सभी केंद्रों पर डॉक्टर, फार्मसिस्ट और वार्ड ब्वॉय की तैनाती कर दी जाएगी। इसके अलावा गौरीकुंड में एंबुलेंस भी हर समय तैनात रहेगी।