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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं का हो समाधान

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Published: Mon, 02 May 2016 04:32 PM (IST)

रुद्रप्रयाग: जनपदीय संस्कृत विद्यालयाध्यापक समिति ने जिले के संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं के निराक

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रुद्रप्रयाग: जनपदीय संस्कृत विद्यालयाध्यापक समिति ने जिले के संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं के निराकरण की मांग की है।

समिति के सचिव जगदंबा नौटियाल ने राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में कहा कि संस्कृत विद्यालयों में लगभग तीन दशक से विषयगत प्रवक्ताओं के पद सृजित नहीं हो सके हैं। जिससे छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। अधिकांश विद्यालयों में कार्यवाहक प्रधानाचार्यो को कई वर्षो से प्रोन्नति नहीं मिली है। कहा कि प्रबंधकीय व्यवस्था पर कार्यरत अध्यापकों को अभी तक स्थायी नहीं किया गया है। उन्होंने विद्यालयों मे लिपिक एवं परिचालक के पद सृजित कर नियुक्ति देने, संस्कृत महाविद्यालयों को उच्च शिक्षा में समायोजित कर अन्य राजकीय विद्यालयों की भांति समान कार्य का समान वेतन देने की मांग की।