विजेंद्र मेहता [जेएनएन, पिथौरागढ़] : उच्च हिमालयी क्षेत्र के जोखिम भरे रास्तों पर होने वाली कैलास मानसरोवर यात्रा में सुरक्षा का जिम्मा इस बार आइटीबीपी की महिला जवान संभालेंगी। पहली बार 10 से 17 हजार फिट की ऊंचाई पर निगहबानी का जिम्मा महिला जवानों दिया गया है। उन्हीं पर कैलास यात्रियों को अंतिम पड़ाव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी होगी।

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12 जून से शुरू होने वाली कैलास मानसरोवर यात्रा की सुरक्षा का जिम्मा अभी तक उच्च हिमालयी भू-भाग में आइटीबीपी के पुरुष जवान संभालते रहे हैं। इस बार महिला जवान यात्रियों को खतरनाक मार्गों के साथ ही कच्चे पुलों और गधेरों को पार कराएंगी।

महिला जवान गुंजी से लिपूपास तक यात्रियों के साथ तैनात रहेंगी। यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए आइटीबीपी की सातवीं वाहिनी के कमांडेंट महेंद्र प्रताप सिंह उच्च हिमालयी क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। उन्होंने इस क्षेत्र में तैनात जवानों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक यात्री दल को वाहिनी मुख्यालय मिर्थी में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान की चुनौतियों और सावधानियों की जानकारी भी दी जाएगी।

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मानसरोवर वन में पौधे लगाएंगे यात्री
उच्च हिमालयी क्षेत्र में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आइटीबीपी द्वारा मानसरोवर वन तैयार किया गया है। हर वर्ष यात्रा पर जाने वाले यात्री इस वन में विभिन्न प्रजाति के पौधे लगाते हैं। गुंजी में तैयार इस वन में लगे सेब के पौधे अब फल भी देने लगे हैं। आइटीबीपी के सहयोग से इस वर्ष भी यात्री इस वन में पौधरोपण करेंगे।

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Posted By: sunil negi