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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में आफत बनी ओलावृष्टि: गोलियों की तरह गिरे 200 ग्राम वजन वाले ओले, वाहनों के शीशे टूटे

Published: Thu, 28 May 2026 06:12 PM (IST)

पिथौरागढ़ में गुरुवार को 100-200 ग्राम वजनी ओलों की भारी बारिश हुई, जिससे फसलों, वाहनों और घरों को व्यापक नुकसान पहुंचा।

पिथौरागढ़ में आसमान से गिरे 100 से लेकर 200 ग्राम वाले ओले।

पिथौरागढ़ में आसमान से गिरे 100 से लेकर 200 ग्राम वाले ओले। 

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जागरण टीम, पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में गुरुवार अपराह्न मौसम ने अचानक करवट बदल ली। जिला मुख्यालय समेत आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।

आसमान से 100 से लेकर 200 ग्राम तक वजन वाले बड़े-बड़े ओले गिरने से फलों, साग-सब्जियों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा, वहीं कई वाहनों के शीशे और हेडलाइट भी टूट गए। कुछ मकानों की खिड़कियों के शीशे भी चटक गए।

hailstorm wreaks havoc in pithoragarh

जिला मुख्यालय में ओलों की बारिश इतनी तेज थी कि लोग घरों और दुकानों में दुबकने को मजबूर हो गए। सड़कों पर चल रहे और खड़े वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। बाजार में खुले में दुकान लगाए बैठे दुकानदार अपना सामान तक समेट नहीं सके, जिससे काफी सामान खराब हो गया।

_Big hailstorm in pithoragarh

बताया जा रहा है कि बीते डेढ़ माह में पिथौरागढ़ में कई बार ओलावृष्टि हो चुकी है, लेकिन गुरुवार की ओलावृष्टि सबसे ज्यादा भयावह रही। बड़े आकार के ओले गोलियों की तरह तेजी से गिरे, जिससे कुछ देर के लिए जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ गया।

vehicle windows shattered

कनालीछीना और डीडीहाट क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जबकि पर्यटन नगरी मुनस्यारी में घंटों झमाझम बारिश होती रही। खलिया द्वार और बिटलीधार क्षेत्रों में भी ओलावृष्टि दर्ज की गई।

धारचूला में बूंदाबांदी शुरू होने के साथ मौसम लगातार खराब बना हुआ है। वहीं बेरीनाग, गणाईगंगोली और गंगोलीहाट क्षेत्रों में भी आसमान बादलों से घिरा रहा।

एक बार बारिश थमने के बाद शाम को फिर मौसम बदल गया और दोबारा वर्षा शुरू हो गई। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक पिथौरागढ़ जिले में भारी से बहुत भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।

हालांकि, राहत की बात यह रही कि जिले के सभी सड़क मार्ग फिलहाल यातायात के लिए खुले हैं और जंगलों में लगी आग भी बारिश के चलते बुझ गई है।

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