संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़: सड़क व संचार सुविधा की मांग को लेकर सीमांत जिले के अंतिम गांव नामिक के ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी ने भी धरना स्थल में पहुंचकर ग्रामीणों को अपना समर्थन दिया। ग्रामीणों ने मांग पूरी होने के बाद ही आंदोलन वापस लेने का एलान किया है।

शुक्रवार को पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह जैम्याल के नेतृत्व में नामिक के ग्रामीण टकाना रामलीला मैदान में धरने पर बैठे। इस दौरान ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि नामिक गांव मुनस्यारी विकासखंड का अंतिम गांव है, जो अब तक सड़क, संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को 27 किमी पैदल चलना पड़ता है। गांव के बीमार या गर्भवती महिलाओं को आज भी डोली के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। इस दौरान कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। बावजूद इसके इस क्षेत्र की लगातार अनदेखी की जा रही है। दूसरे दिन धरने में उप प्रधान चंदर राम, दिनेश सिंह, प्रकाश सिंह, प्रताप सिंह, विनोद सिंह, खुशाल, रमेश, दिनेश, जसमल सिंह आदि बैठे। ========== विधायक व जिलाधिकारी के आश्वासन पर दोपहर बाद खत्म हुआ आंदोलन

शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को अपना समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी आनंद स्वरू प के समक्ष ग्राम पंचायत नामिक के ग्रामीणों की समस्याएं रखीं। इस संबंध में मुख्य सचिव स्तर पर वार्ता की गई। इसके बाद आंदोलनकारी ग्रामीणों को 9 मई तक होकरा-नामिक मोटर मार्ग शुरू करने का आश्वासन दिया गया। जिस पर ग्रामीणों ने अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। साथ ही ग्रामीणों ने चेताया कि यदि इस अवधि में सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता आगामी दस मई से मुनस्यारी मोटर मार्ग को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग विर्थी फॉल के निकट चक्काजाम व अनिश्चिकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे। विधायक धामी ने कहा कि वह खुद मुख्यालय स्तर पर आमरण अनशन शुरू कर देंगे।

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