संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़: पशुओं में फैली खुरपका और मुंहपका बीमारी से परेशान पशुपालकों को सीमा क्षेत्र में तैनात एसएसबी ने राहत दी है। एसएसबी ने पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की मदद से सीमांत गांवों में शिविर लगाकर पशुओं का उपचार कराया और निश्शुल्क दवा वितरित की।

नेपाल सीमा से लगे क्वीगांव सहित तमाम गांवों के पशु खुरपका और मुंहपका बीमारी की चपेट में हैं। अकेले क्वीगांव में ही 60 से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। परेशान पशुपालकों ने बीते रोज जिला मुख्यालय पहुंचकर मृत पशुओं का मुआवजा देने और गांव में शिविर लगाए जाने की मांग की थी।

पशुपालकों को हो रही परेशानी को देखते हुए मंगलवार को एसएसबी ने क्वीगांव, मझेड़ा, सिमेती, जमतड़ी, गुरूंगतोली आदि गांवों के पशुपालकों के लिए पशु चिकित्सा शिविर लगाया। शिविर में पशुओं की जांच के साथ ही उन्हें निश्शुल्क दवा का वितरण किया। चिकित्सक डा.लाल सिंह सामंत, पशुधन प्रसार अधिकारी रित जोशी, एसएसबी के जीएस पटेल ने पशुपालकों को खुरपका और मुंहपका बीमारी से बचाव की जानकारी दी। चिकित्सकों ने कहा कि प्रभावित पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखा जाए। शिविर से सैकड़ों पशुपालक लाभान्वित हुए। सीमांत वासियों ने शिविर आयोजन के लिए एसएसबी का आभार जताया। ========= बाल विज्ञानी राहुल ने स्वच्छता पर किया प्रोजेक्ट तैयार

संस, पिथौरागढ़ : राजकीय इंटर कालेज थरकोट के 11वीं कक्षा के छात्र राहुल बोरा ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में स्वच्छता पर अपना प्रोजेक्ट तैयार किया है। उन्होंने ग्रामसभा बालाकोट के बोरा गांव में स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को जागरूक किया और अपने प्रोजेक्ट से अवगत कराया। बाल विज्ञानी बोरा ने ग्रामीणों से अपने आसपास हमेशा साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। विद्यालय के प्रधानाचार्य बीएन जोशी व मार्गदर्शक शिक्षक राजेंद्र पांडेय ने छात्र के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। इधर, एसडीएस राइंका के कक्षा दसवीं के छात्र रोहित चुलकोटिया व संजय ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तहत पारंपरिक ज्ञान प्रणाली विषय में नगर के पांडेय गांव में सर्वेक्षण किया और लोगों को इस बारे में अवगत कराया।

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