संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़ : वर्तमान समय में शिक्षा का पूरी तरह से व्यावसायीकरण हो चुका है। गरीब बच्चों के लिए शिक्षा हासिल करना और भी मुश्किल हो गया है। ऐसे मुश्किल दौर में गरीब परिवारों के बच्चों के लिए घनश्याम ओली चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी वरदान साबित हो रही है। सोसाइटी जिले में ऐसे बच्चों को चिन्हित कर पूरे मनोयोग के साथ उनकी शिक्षा व परवरिश में जुटी है।

समाजसेवी संस्था घनश्याम ओली चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी द्वारा चलाए जा रहे उन्मुक्ति अभियान के अंतर्गत एजुकेशन फॉर ऑल कार्यक्रम के तहत मजदूरी करने वाले, कूड़ा बीनने वाले, गरीब, असहाय बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। जिसके तहत पूरे जिले में ऐसे बच्चों का चयन कर उन्हें विद्यालयों में दाखिला दिया जा रहा है। बुधवार को जिला मुख्यालय में रह रहे 9 बच्चों को स्कूल बैग व किताबें देकर प्राइमरी स्कूल टाउन में प्रवेश दिलाया गया।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सितारा बानो ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे एक ओर जहां गरीब बच्चे शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे, वहीं विद्यालय की छात्रसंख्या में भी इजाफा होगा। संस्था के अध्यक्ष अजय ओली ने बताया कि इन बच्चों का परिवार मूल रू प से राजस्थान व मेरठ जिले से हैं, जो पांच वर्ष पूर्व काम की तलाश में पिथौरागढ़ आकर बस गया था। कुछ परिवारों ने पिथौरागढ़ में लोहे के बर्तन आदि बनाने का काम शुरू किया और अपने बच्चों को शिक्षा से वंचित रखकर उन्हें भी व्यापार से जोड़ दिया। जिस कारण ये बच्चे शिक्षा से वंचित रह गए थे। ओली ने बताया विगत वर्ष संस्था द्वारा 14 बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया गया। सोसाइटी की ओर से अंजलि व बबीता ऐसे बच्चों के माता-पिता को समझाकर उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में ऐसे सभी बच्चों को स्कूल तक पहुंचाया जाएगा और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।

Posted By: Jagran

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