विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अस्पताल में किशोरी ने बालक को दिया जन्म, कथित पति भगा कर ले गया था पुणे

Published: Wed, 15 Apr 2026 05:04 PM (IST)

पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में एक नाबालिग किशोरी ने स्वस्थ बालक को जन्म दिया है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़/ मुनस्यारी। नाबालिग किशोरी के गर्भवती होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंची एक 14-15 वर्षीय किशोरी आठ माह से गर्भवती मिली। नाबालिग होने पर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद यह प्रकरण सामने आया है।

मिली जानकारी के अनुसार मामला जिले की एक तहसील क्षेत्र का है। एक किशोरी अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पताल पहुंचाई गई । जांच में वह आठ की गर्भवती मिली। जांच के दौरान पता चला कि उसकी आयु मात्र 15 या 16 वर्ष है। चिकित्सा विभाग ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल इसकी जानकारी बाल कल्याण समिति और स्थानीय पुलिस को दी। प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि करीब एक वर्ष पूर्व जब किशोरी महज 14 वर्ष की थी। इसी के साथ यह सवाल भी उठा कि नाबालिग की शादी कैसे हुई ।

पड़ताल में मिली जानकारी के अनुसार किशोरी की मां ने दूसरी शादी कर ली थी । इस के बाद उसके पिता ने भी दूसरी शादी कर ली । किशोरी की एक छोटी बहन ओर एक छोटा भाई है। लगभग एक वर्ष पूर्व तहसील क्षेत्र के ही एक गांव के युवक द्वारा किशोरी को भगा कर ले जाने की चर्चा गांव सहित क्षेत्र में व्याप्त रही । इस मामले में किशोरी के स्वजनों द्वारा पुलिस में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई ।मामला आए गए में चला गया। युवक उसे अपने साथ पुणे ले गया । उसके गर्भवती होने पर बीते दिनों प्रसव के लिए मुनस्यारी में अपनी मां के पास छोड़ गया। युवक पुणे महाराष्ट्र में सिक्योरिटी गार्ड है।

गर्भवती किशोरी का पिता भी विगत तीन चार माह पूर्व पुणे गया और वहां सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा है। किशोरी की शादी युवक के साथ हुई या नहीं इसकी गांव वालों को कोई जानकारी नही है।किशोरी को भगाने वाले युवक का गांव और उसकी सौतेली मां का मायका एक ही गांव में है। युवक की उम्र 25 -26 वर्ष बताई जा रही है।जिस समय किशोरी को अपने साथ ले गया उस समय वह कक्षा नौ में पढ़ती थी। मुख्य चिकित्साधीक्षक के अनुसार किशोरी को किसी तरह की परेशानी नहीं है वह स्वस्थ है। उसकी लगातार निगरानी हो रही है।

किशोरी को भगाने वाले युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। किशोरी को जांच के लिए जिला मुख्यायल में अस्पताल पहुंचाने वाले लोग अस्पताल में नहीं हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है जो भी इस मामले में दोषी मिलेगा उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी ।- अनिल आर्या, थानाध्यक्ष मुनस्यारी

जिला अस्पताल में भर्ती

नाबालिग किशोरी ने स्वस्थ बालक को जन्म दिया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भागीरथी गर्ब्याल ने जानकारी देते हुए बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और चिकित्सकों की विशेष निगरानी में हैं।
मामले में नया मोड़ तब आया जब किशोरी ने अपने बयान में बताया कि वह अपनी स्वेच्छा से युवक के साथ गई थी। किशोरी के अनुसार उसके गांव क्षेत्र में एक क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान उसकी पहचान उक्त युवक से हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। किशोरी का दावा है कि उनके बीच आपसी सहमति थी और वह बिना किसी दबाव के युवक के साथ गई थी। युवक की उम्र 22वर्ष है |हालांकि, मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और बाल कल्याण समिति नियमों के तहत कार्रवाई कर रही है। प्रशासन किशोरी के बयानों और कानूनी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रहा है।