उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का कहर: चीन सीमा से संपर्क टूटा, पिथौरागढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग बंद
पिथौरागढ़ में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे चीन सीमा का संपर्क दूसरे दिन भी भंग है।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण टीम, पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रविवार को पिथौरागढ़ में सुबह पांच बजे तक तेज वर्षा हुई, जिसके बाद बादल छा गए। वहीं चीन सीमा का संपर्क दूसरे दिन भी भंग है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग घाट बैंड के पास भारी मलबा आने से बंद हो गया है। जिला मुख्यालय का अन्य जिलों और मैदानी क्षेत्र से संपर्क कट गया है। घाट के घाट पर दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी हुई हैं। मलबा हटाने के लिए मशीन लग चुकी है।
मूसलधार बारिश से भारी नुकसान
जनपद के बंगापानी और धारचूला तहसील क्षेत्र में देर रात हुई मूसलधार बारिश से भारी नुकसान हुआ है। शनिवार सुबह 8 बजे आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बंगापानी में सर्वाधिक 42.0 मिमी और धारचूला में 28.6 मिमी भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस भारी बारिश से कूलागाड़ में का बैली ब्रिज बहने से चीन सीमा का संपर्क कटा है।
टनकपुर -पिथौरागढ़ हाईवे में घाट बैंड के पास शुक्रवार की रात्रि से ही पहाड़ से पत्थरों की बौछार होने से यातायात प्रभावित है।दोनों तरफ दिन भर वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
घाट पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने के कारण इस व्यस्त मार्ग पर सफर कर रहे यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोग जान जोखिम में डालकर सफर तय करने को मजबूर रहे। बीच -बीच में कुछ देर के लिए पत्थरों का गिरना कम होने पर वाहन पास हो रहे हैं।
जिसके चलते पिथौरागढ़ से बाहरी जिलों ओर मेदानी क्षेत्रों को आने जाने वाले वाहनों को काफी देर तक यहां पर इंतजार करना पड़ रहा है। जिले की अन्य तहसीलों में केवल हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। दो सीमा मार्ग एक एनएच सहित 12 ग्रामीण मार्ग बंद हैं ।
