संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़: कोविड काल में अनुबंध पर रखे गए आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मियों में उन्हें पद से हटाए जाने पर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पद से हटाए गए कर्मियों ने शीघ्र उनका अनुबंध आगे न बढ़ाए जाने व तीन माह के मानदेय भुगतान न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

स्वास्थ्य विभाग में कोरोना काल में आउटसोर्स के माध्यम से एएनएम, जीएनएम, लैब टेक्निशियन व अन्य पदों पर अनुबंध के आधार पर नियुक्तियां की गई थीं। अनुबंध समाप्त होने पर अब उन्हें हटा दिया गया है। इससे कर्मियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को हटाए गए कर्मियों ने रामलीला मैदान सदर में धरना-प्रदर्शन कर आक्रोश प्रकट किया और कहा कि उन्होंने कोविड काल में अपनी जान की परवाह किए बगैर अपनी सेवाएं दी हैं। उन्हें विगत तीन माह से मानदेय भी नहीं दिया गया है। जिस कारण वह आर्थिक व मानसिक परेशानी से जूझ रहे हैं, मगर उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। परेशान स्वास्थ्य कर्मियों ने शासन-प्रशासन से अविलंब उनका अनुबंध आगे बढ़ाए जाने व मानदेय का भुगतान करने की मांग की। ======= आउटसोर्स कर्मियों को अनुबंध पर रखा गया था। वर्तमान में कोविड की तीव्रता कम होने पर उनकी सेवाएं समाप्त हो गई हैं। जहां तक आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय का मामला है, वह शासन स्तर से धनराशि अवमुक्त होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।

- डा. एचसी पंत, सीएमओ। ======= रोडवेज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

टनकपुर : सेवानिवृत्त रोडवेज कल्याण समिति के बैनर तले पूर्व कार्मिकों ने रोडवेज वर्कशॉप गेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कहा कि वे लंबे समय से पेंशन में बढ़ोतरी की माग करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। कहा कि देशभर के 159 विभागों के कर्मचारियों ने समय-समय पर नई दिल्ली में आदोलन किया, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को काशीपुर रोडवेज प्रागण में एक दिवसीय अधिवेशन किया जाएगा। जिसमें टनकपुर के सेवानिवृत्त कर्मचारी भी बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे।

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