पहले थाला बुग्याल... फिर नंदा कुंड, 150 किमी की अति दुर्गम यात्रा कर लाया जाएगा मां नंदा देवी का प्रिय ब्रह्मकमल
डोर गांव से श्रद्धालु मां नंदा देवी को ब्रह्मकमल अर्पित करने के लिए नंदा कुंड की कठिन यात्रा पर निकल ...और पढ़ें
HighLights
डोर गांव से श्रद्धालु नंदा कुंड की यात्रा पर निकले
मां नंदा देवी को ब्रह्मकमल चढ़ाने का है उद्देश्य
150 किलोमीटर की दुर्गम यात्रा अष्टमी को होगी पूरी
जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। विकासखंड मुनस्यारी के मां नंदा देवी के आंगन के निवासी तल्ला मल्ला जोहार में वातावरण नंदा मय होने लगा है। तल्ला जोहार के भक्त 5 दिन की शुचिता के साथ बुधवार की सुबह नंदा देवी की ओर रवाना हो चुके हैं।
नंदा कुंड पहुंचने के बाद वहां पर स्नान कर मां नंदा की स्तुति के बाद यह नंदा देवी के प्रिय ब्रह्म कमल एकत्रित करेंगे। लगभग 150 किलोमीटर की अति दुर्गम और कठिन यात्रा पूरी कर ब्रह्म कमल के साथ अष्टमी को वापस लौटेंगे और नंदा देवी के गृह क्षेत्र से लाए गए ब्रह्म कमल मा नंदा को चढ़ाएगे और मां नंदा की पूजा करेंगे और दो दिन तक नंदा देवी के मंदिरों में थोड़ा चचरी और पूजा अर्चना का ही दौर जारी रहेगा।
लग-अलग गांव के लोग जाते हैं नंदा कुंड
प्रतिवर्ष नंदा अष्टमी के लिए ब्रह्म कमलन ने अलग-अलग गांव के लोग नंदा कुंड जाते हैं। लोक आस्था की प्रतीक नंदा राज जात यात्रा को लेकर क्षेत्र में भारी धार्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी परंपरा के तहत डोर गांव से श्रद्धालुओं का दल मां नंदा की आराधना के लिए पूर्ण श्रद्धा एवं उल्लास के साथ रवाना हो गया है। मां भगवती के जयकारों के बीच गांव से निकला यह जत्था दुर्गम हिमालयी मार्गों से होते हुए अपने निर्धारित पड़ावों की ओर अग्रसर है।
तय धार्मिक कार्यक्रम के अनुसार यात्री दल बुधवार को प्रसिद्ध थाला बुग्याल पहुंचेगा। इसके पश्चात अगले दिन गुरुवार को सभी श्रद्धालु पवित्र नंदा कुंड पहुंचेंगे। कुंड के पावन तट पर मां भगवती नंदा की विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी और मैया को निमंत्रण दिया जाएगा। इस दौरान यात्री उच्च हिमालयी क्षेत्रों से दुर्लभ व पवित्र ब्रह्मकमल एकत्र करेंगे। आगामी 18 सितंबर को यात्रीगण राज जात यात्रा के साथ ब्रह्मकमल लेकर वापस मंदिर परिसर पहुंचेंगे, जहां भव्य स्वागत के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।
इस पावन यात्रा में मंगल सिंह, देवेंद्र सिंह, डिगर सिंह, गोविंद सिंह राणा, धरम सिंह, मंजुल, मयंक, बाबी और कुंदन सिंह आदि श्रद्धालु शामिल हैं। वहीं मुख्य पुजारी दिवान सिंह, पूरन सिंह तथा मदन सिंह के सानिध्य में समस्त धार्मिक रस्में पूरी कराई जा रही हैं। ग्रामीणों ने यात्रियों के मंगलमय सफर की कामना की है।
