जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़: हिमालय की बर्फ पहली बार पिघली। आजादी के बाद पहली बार धारचूला क्षेत्र में कमल खिला है। चीन सीमा तक मोदी की सुनामी नजर आ रही है। जिस क्षेत्र को कांग्रेस अपनी परंपरागत मानती थी उस क्षेत्र में मोदी का डंका बजा है।

धारचूला क्षेत्र आज तक कांग्रेस का गढ़ रहा है। कांग्रेस इस सीट को अपनी परंपरागत सीट मानती है। वर्ष 2014 के मोदी लहर में भी जिले की तीन सीटों पिथौरागढ़, गंगोलीहाट और डीडीहाट में भाजपा जीती थी, परंतु धारचूला में कांग्रेस जीती। 2017 के विधानसभा चुनाव में पूरे जिले पीएम नरेंद्र मोदी के पिथौरागढ़ दौरे के बाद तीनों सीटों पर भाजपा ने परचम लहराया, परंतु धारचूला में कांग्रेस ने विजय पताका फहराई। जिसे लेकर कांग्रेस इस बार भी धारचूला से अपनी जीत मान रही थी।

2019 में सारे मिथक टूट चुके हैं। चीन सीमा तक मोदी की सुनामी चल गई। इस सुनामी में बर्फ पिघल चुकी है। रामगंगा घाटी से लेकर काली नदी घाटी तक केवल कमल खिला है। पहले चक्र से ही यहां पर कांग्रेस पिछड़ती गई। एक भी राउंड ऐसा नहीं आया जब कांग्रेस ने बढ़त बनाई हो। यूं तो धारचूला में इस बार मिथक टूटते नजर आ रहे थे। आज मतगणना के बाद यह स्पष्ट हो चुका है। धारचूला की रामगंगा, जाकुर, गोरी, काली और धौली नदी घाटियों से लेकर उच्च हिमालय तक कमल खिल चुका है। इस बार केवल एक राउंड में ही कांग्रेस मामूली बढ़त बना सकी है। अंतिम 11वें राउंड भाजपा को 1383 और कांग्रेस को 1653 मत पड़े। अन्य दस राउंड में भाजपा की बढ़त बनी रही ।

========== 2014 के लोस चुनाव की धारचूला विस क्षेत्र की तस्वीर

भाजपा -- 17878

कांग्रेस -- 20398 ========

2019 के चुनाव की तस्वीर --

भाजपा -- 25627

कांग्रेस -- 13565

अन्य --- 1890

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Posted By: Jagran

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