संवाद सूत्र, बरम (पिथौरागढ़) : सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से काम के लिए 40 बाहरी मजदूर बुलाए जाने से स्थानीय मजदूर भड़क उठे हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चरीगाड़ पुल पर चल रहे निर्माण कार्य को रोककर धरना दिया। इस दौरान बीआरओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

जौलजीबी मुनस्यारी मार्ग पर बरम के निकट क्षतिग्रस्त चरीगाड़ पुल पर पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा है। जिसमें स्थानीय मजदूर लगाए गए हैं। इधर बीआरओ झारखंड से चालीस मजदूर लेकर आ गया। बीआरओ के इस कदम से स्थानीय मजदूर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि बीआरओ स्थानीय मजदूरों की छुट्टी कर उनके स्थान पर बाहर से लाए गए मजदूरों को कार्य पर लगा रहा है। स्थानीय मजदूरों की उपेक्षा की जा रही है। पुल के कार्य में भी स्थानीय मजदूरों को तैनात करना था। बीआरओ स्थानीय मजदूरों को बाहर करने की फिराक में है।

इसके बाद मजूदर कार्य बंद कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान बीआरओ के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। मजदूरों ने बीआरओ पर तमाम तरह के आरोप लगाए। बीआरओ अधिकारी अपना पक्ष रखते रहे परंतु स्थानीय मजदूरों का कहना है कि जब तक बीआरओ बाहरी मजदूरों को यहां से नहीं हटाता है तब तक कार्य नहीं करने दिया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय मजदूरों और बीआरओ अधिकारियों के बीच बहसबाजी होती रही। बीआरओ अधिकारियों के बाहर से लाए गए मजदूर तवाघाट के लिए बुलाए जाने की जानकारी के बाद भी मजदूर शांत नहीं हुए।

मजदूरों के धरना प्रदर्शन के दौरान नामांकन के लिए धारचूला जा रहे निवर्तमान विधायक हरीश धामी भी वहां पहुंचे। मजदूरों ने उन्हें अपनी समस्या बताई। जिस पर धामी ने बीआरओ के कमांडेंट से फोन पर बात की। उनके अनुसार कमांडेंट ने बताया कि बाहर से लाए गए मजदूर तवाघाट के लिए हैं। स्थानीय मजदूरों को अपना मेडिकल सार्टिफिकेट देना है। जैसे ही मेडिकल सार्टिफिकेट देंगे उन्हें तैनात किया जाएगा। कार्य में केवल स्थानीय मजदूरों को ही तैनात किया जाएगा। स्थानीय 45 मजदूरों ने अभी अपना मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं दिया है।

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:::::::: वर्जन

बाहर से आए 40 मजदूर तवाघाट क्षेत्र में कार्य के लिए लाए गए हैं। 31 जनवरी के बाद इन मजदूरों को तवाघाट भेजा जा रहा है। कार्य पर स्थानीय मजदूर ही तैनात होंगे ।

-धर्मवीर सिंह, ओसी, बीआरओ

Edited By: Jagran