पिथौरागढ़ [जेएनएन]: भुवन के साहस के आगे आखिरकार गुलदार पस्त हो गया। भुवन की करीब चार मिनट तक गुलदार गुत्थमगुत्था हुई। इस दौरान गुलदार ने सिर और कनपटी पर पंजे मार कर भुवन को लहुलूहान कर दिया। भुवन ने अपनी गर्दन उसके जबड़े में आने से बचा ली और लगातार वार कर उसे भागने को मजबूर कर दिया।

घटना जिला मुख्यालय से लगभग 16 किमी दूर छाना पांडेय गांव की है। गांव में मजदूरी करने वाला भुवन राम (32) को रात्रि ढाई बजे लघुशंका के लिए बाहर आया। आंगन में सौर ऊर्जा चालित बल्ब जल रहा था। लघुशंका से निवृत्त हो जैसे ही भुवन दरवाजे तक पहुंचा, तभी पीछे से गुलदार ने उस पर हमला बोल दिया। सीधे उसकी कनपटी पर पंजा मारा। गुलदार के अचानक दमदार पंजा मारने से भुवन कुछ समझ ही नहीं पाया। पीछे मुड़ कर गुलदार को देखा तो भुवन की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई।

इसी बीच गुलदार ने फिर भुवन के सिर पर पंजा मार दिया। कनपटी और सिर पर गुलदार के पंजे मारने से भुवन लहुलुहान हो गया। जान बचाने के लिए उसने भिडऩे का साहस दिखाया। गुलदार ने उसे पंजों से लपेट कर जमीन में गिरा दिया। गुलदार और भुवन में आपसी गुत्थमगुत्था हो गई। गुलदार ने उसकी गर्दन को अपने जबड़ों में दबाने को प्रयास किया। सामने मौत देखते हुए भुवन ने उसके पंजे को गर्दन पर कसाव बनाने से रोका और चिल्लाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर परिवार के सदस्य भी जग और आंगन की तरफ दौड़े। परिजनों ने  शोर मचाया तो गुलदार भुवन को छोड़ कर आंगन से छलांग लगा भाग गया।

शनिवार सुबह घायल भुवन का जिला अस्पताल लाकर उपचार कराया गया। भुवन ने बताया कि बड़े आकार वाले गुलदार का शिकार बनने से बचना उसके लिए पुर्नजन्म है। हालांकि उसके चेहरे पर गुलदार से भिड़ंत का खौफ नजर आ रहा था।

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