संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़ : केंद्र सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल एनएच के कार्य मशीनरी की कमी से प्रभावित हो रहे हैं। सड़क निर्माण की समय सीमा पूरी हो चुकी है, बावजूद इसके मशीनरी नहीं बढ़ाई जा रही है। छोटे-छोटे कामों में उलझे एनएच की धामी कार्यप्रणाली यात्रियों पर भारी पड़ रही है।

नवंबर 2017 में शुरू हुआ पिथौरागढ़- टनकपुर ऑल वेदर रोड का कार्य 20 नवंबर 2019 को पूरा होना था, लेकिन निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं हो पाया। अब एनएच ने मई 2020 तक का समय काम पूरा करने के लिए मांगा है, लेकिन काम की जो गति है उससे नहीं लगता कि मई तक भी सड़क पूरी हो पाएगी। पिथौरागढ़ से घाट के बीच अकेले गुरना में ही सवा किलोमीटर चट्टानों की कटिंग की जानी है। इसके अलावा दिल्ली बैंड में भी चौड़ीकरण का काम बचा हुआ है। कटिंग के बाद सोलिंग और फिर डामरीकरण का काम होना है। काम की गति को बढ़ाने के लिए जितनी मशीनों की जरू रत है, उतनी उपलब्ध नहीं है। गिनी चुनी मशीनों से ही काम चलाया जा रहा है। गुरना में चट्टान कटिंग का काम बेहद मुश्किल है और इसके लिए बड़ी मशीनरी की जरू रत है। छोटी मशीनरी से काम किए जाने पर इसमें लंबा समय लगना तय है। ऐसे में पिथौरागढ़- टनकपुर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ेगी।

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मशीनरी की कमी से कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा है। ठेकेदार को मशीनें बढ़ाने के लिए कहा गया है। मशीनों की संख्या बढ़ते ही तेजी से कार्य कराया जाएगा। मई माह तक हर हाल में रोड तैयार कर ली जाएगी।

- पीएल चौधरी, सहायक अभियंता एनएच

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ऊंचाई वाले इलाके में अब नहीं होगा डामरीकरण

पिथौरागढ़: एनएच के कार्य में अब मौसम भी बाधक बन रहा है। तापमान गिरने से एनएच ने गुरना से ऊपर डामरीकरण का कार्य रोकने का निर्णय लिया है। घाट जहां तापमान ठीक ठाक है वहां डामरीकरण कराया जा रहा है। गुरना से ऊपर के क्षेत्र में अब मार्च के बाद डामरीकरण होगा।

Posted By: Jagran

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