पिथौरागढ़, [जेएनएन]: भारत और नेपाल की सेनाओं के संयुक्त सैन्य अभ्यास का चौथा दिन जवानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। जवानों ने आतंकवादी हमलों से निपटने और बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने के साथ ही सुरक्षा का कौशल दिखाया। विषम परिस्थतियों में खुद को हथियारों के साथ मुस्तैद रखने की तकनीक भी जवानों ने जानी। 

सैन्य क्षेत्र में चल रहे अभ्यास में शनिवार को जवानों ने विस्फोटक सामग्री के विभिन्न प्रकार, बारू दी  सुरंग बचने, बारू दी सामग्री को निष्क्रिय करने, जंगलों में बिछाई जाने वाली सुरंगों से बचाव आदि की जानकारी दी गई। जवानों ने इन दुश्वारियों से निपटने का अभ्यास भी किया। अभ्यास के दौरान कॉनवाय में अचानक हुए हमले का जवाब देने का प्रदर्शन दोनों देशों के जवानों ने किया। 

जवानों को आतंकवादियों द्वारा उपयोग की जाने वाली विस्फोटक सामग्री और उसे निष्क्रिय करने के तरीके सिखाए गए। आतंकवादी हमले के दौरान रोड ओपनिंग और अचानक होने वाले आतंकवादी हमलों से निपटने के अभ्यास में जवानों का जज्बा प्रदर्शन में दिखा। अंत में जवानों ने घने जंगलों के बीच तंग रास्तों पर खुद को हथियारों के साथ मुस्तैद रखने की तकनीक सिखाई गई। अभ्यास में भारतीय सेना की ओर से 13 जम्मू कश्मीर बटालियन और नेपाल की ओर से गोरखबख्श बटालियन के 300 जवान भागीदारी कर रहे हैं।

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