संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़ : लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली भी अजीब है। विभाग ने जिला मुख्यालय के नजदीकी धारी जोशी गांव को सड़क से जोड़ने के लिए कवायद तो शुरू की, लेकिन 30 वर्ष में सिर्फ दो किमी ही सड़क कट सकी। इससे आगे बीच जंगल में निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया।

1990 में चंडाक क्षेत्र अंतर्गत जेल बैंड से धारी जोशी, डुंगरा, जीबालपाटा रोड प्रस्तावित हुई। जेल बैंड से रोड की कटिंग शुरू हुई। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द वे भी अपने गांव वाहन से पहुंच सकेंगे। विभाग ने दो किमी रोड बनाई और इससे आगे बीच जंगल में निर्माण कार्य छोड़ दिया। पिछले 30 वर्ष में आस-पास के तमाम गांव रोड से जुड़ गए, लेकिन धारी जोशी गांव तक रोड पहुंचने का सपना अधूरा ही रहा। परेशान ग्रामीण प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट आजिज आ चुके हैं, लेकिन अधूरी रोड को पूरा करने के लिए कोई पहल नहीं हो रही है। 2019 में ग्रामीणों ने विधानसभा चुनावों के बहिष्कार का एलान किया। जिलाधिकारी ने स्वयं क्षेत्र में पहुंच ग्रामीणों को मनाया और भरोसा दिया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही रोड का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। यह आश्वासन भी पूरा नहीं हुआ।

क्षेत्रवासियों ने सामाजिक कार्यकर्ता पुष्कर सिंह की अगुआई में सोमवार को बैठक की। 31 अक्टूबर तक रोड का निर्माण शुरू नहीं किए जाने पर ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय में आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। बैठक में दीपक तिवारी, षष्ठी बल्लभ तिवारी, भुवन सिंह, उमेश सिंह, प्रेम सिंह, सरपंच राम सिंह चौहान, हयात सिंह चौहान, हेमराज सिंह, देवसिंह धारियाल, जीवन प्रसाद सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

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वर्जन

जेलबैंड-धारी जोशी सड़क को पूरा करने की कवायद चल रही है। केंद्र सरकार से आपत्ति के चलते मामला अटका था। अब आपत्तियां दूर कर पुन: फाइल भेज दी गई है। जल्द सड़क निर्माण की स्वीकृति मिल जाएगी।

-दिनेश जोशी, सहायक अभियंता, लोनिवि पिथौरागढ़

Edited By: Jagran