यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pithoragarh: रोडवेज बस अड्डे के लिए शासन ने जारी की धनराशि, लेकिन बस के लिए नहीं की पहल; चरमराई परिवहन व्यवस्था
पिथौरागढ़ जनपद में धारचूला में बस टर्मिनल के लिए 4.96 अस्कोट के लिए 4.99 और गंगोलीहाट के लिए 3.10 करोड़ ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़। सीमांत जिले पिथौरागढ़ में तीन बस टर्मिनल निर्माण के लिए 13.05 करोड़ की धनराशि शासन ने जारी कर दी है। बस अड्डे जल्द तैयार हो जायेंगे, लेकिन इनमें खड़ी करने के लिए बसें कब मिलेंगी इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं हुई है।
पिथौरागढ़ जनपद में धारचूला में बस टर्मिनल के लिए 4.96, अस्कोट के लिए 4.99 और गंगोलीहाट के लिए 3.10 करोड़ की धनराशि जारी हो चुकी है। बस निर्माण बनाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। इन स्थानों में बस टर्मिनल नहीं होने से अभी तक बसों को सड़कों पर ही खड़ा करना पड़ता था।
बस टर्मिनल के लिए धनराशि जारी होने का जिले के लोगों ने स्वागत किया है, लेकिन बसों की संख्या लगातार घटने से जिले के यात्री परेशान हैं।
पहले 100 के आसपास थी बसों की संख्या
पिथौरागढ़ डिपो में कुछ वर्ष पूर्व तक रोडवेज बसों की संख्या 100 के आसपास थी। आज इनकी संख्या घटकर मात्र 55 रह गई है। इनमें अधिकांश खटारा हो चुकी हैं। बसें आये दिन सड़कों में खराब हो रही है। बसों में आये दिन ब्रेक फेल होने की समस्या आ रही है।
बसों की संख्या घटने से चरमराई परिवहन व्यवस्था
बसों की संख्या कम होने के चलते सीमांत धारचूला, मुनस्यारी, अस्कोट से लंबी दूरी की बसें संचालित नहीं हो पा रही हैं। लोग महंगा किराया देकर टैक्सियों में सफर करने को मजबूर हैं। जिले के लोग लंबे समय से नई बसों की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। बसों की संख्या लगातार घटने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है।
पिथौरागढ़ एआरएम रवि शेखर कापड़ी के अनुसार, नई बसों के लिए निदेशालय को डिमांड भेजी गई है। जल्द ही बसें मिल जाने की उम्मीद है। नई बसें मिलते ही दूरस्थ क्षेत्रों के लिए नई बस सेवायें शुरू की जायेंगी। जिला मुख्यालय से विभिन्न रूटों के लिए बसें उपलब्ध हैं।
