संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़: पहाड़ में हो रही ओलावृष्टि और भारी बरसात से किसानों पर दोतरफा मार पड़ रही है। ओलावृष्टि ने किसानों की छह माह की मेहनत पर पानी फेर दिया है। फसल बर्बाद होने से मायूस किसानों ने क्षतिपूर्ति की मांग उठानी शुरू कर दी है।

रबी की फसल जिले भर में तैयार हो चुकी है, इससे पहले कि किसान अपनी फसल समेटे मौसम ने उनकी छह माह की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों ने जंगली जानवरों से किसी तरह अपनी फसल बचाई, लेकिन ओलावृष्टि और बारिश ने इसे पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। जाख क्षेत्र में बीते रोज हुई भारी ओलावृष्टि और बारिश ने मसूर और गेहूं की फसल नहीं बची। किसान अपनी मेहनत पर पानी फिरने से खासे मायूस हैं। काश्तकार अर्जुन राम, देवीदत्त जोशी, नंदकिशोर जोशी, कैलाश पुनेठा, पंकज भट्ट, नरेश गिरी, विनोद भट्ट, राजू भट्ट ने बारिस से हुई फसलों की क्षति का आंकलन कर उन्हें मुआवजा दिए जाने की मांग की है। बता दें इस क्षेत्र में कई किसान खेती से ही अपनी आजीविका चलाते हैं।

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