संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़: तमाम दिशा निर्देशों के बावजूद बीएसएनएल की सेवाएं ठीक आपदा के वक्त जवाब दे गई। सेवा ठप हो जाने से आपदा से संबंधित सूचनाओं के आदान प्रदान में आपदा प्रबंधन को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। आम उपभोक्ता भी सूचनाएं लेने के लिए खासे परेशान रहे।

जिले की सबसे बड़ी सेवा प्रदाता कंपनी बीएसएनएल की सेवाएं सीमांत जिले के उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। जिले के आपदा प्रभावित धारचूला, मुनस्यारी क्षेत्रों में बीएसएनएल का नेटवर्क ही एक मात्र विकल्प है। इस समय नदियों का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई जगह भूस्खलन हो रहे हैं। नदी तट पर बसी बस्तियों में खतरा मंडरा रहा है। सड़कें बंद हैं। ठीक इसी वक्त जब लोगों को सबसे ज्यादा सूचनाओं की आवश्यकता है, बीएसएनएल की सेवाएं जबाव दे गई हैं। शुक्रवार की रात सेवा ठप पड़ गई। शनिवार की दोपहर तक भी सेवा बहाल नहीं हो सकी। आम लोगों के साथ ही जिले के आपदा प्रबंधन विभाग तक को सूचनाएं लेने और उन्हें उच्चस्तर तक प्रेषित करने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वैकल्पिक माध्यमों से सूचनाएं जुटाई गई। यह स्थिति तब है जब जिलाधिकारी एक सप्ताह पूर्व ही बीएसएनएल के अधिकारियों को आपदा काल में सेवाओं को दुरू स्त रखने के निर्देश दे चुके हैं।

बीएसएनएल सेवाएं ठप हो जाने पर सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश कुमार ने कहा है कि विभाग के खिलाफ अब ठोस कार्रवाई की जरू रत है, ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न झेलनी पड़े। ========== थल में शवदाह स्थल डूबा, पेयजल योजना के टैंक पर भी मंडरा रहा है खतरा

थल: भारी बारिश के चलते रामगंगा नदी उफान पर आ गई है। तीनों तहसीलों के लिए बना शवदाह स्थल नदी में डूब गया है। लिफ्ट पेयजल योजना टैंक पर भी खतरा मंडरा रहा है।

पिछले चार दिनों से क्षेत्र में हो रही भारी बारिश से रामगंगा नदी उफान पर है। नदी किनारे बनाई गई सुरक्षा दीवार के ऊपर से नदी का पानी बह रहा है। डीडीहाट, थल, बेरीनाग तहसील का शवदाह स्थल नदी में डूब गया है। जिसके चलते शवदाह के लिए आने वाले लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को शवदाह के लिए पहुंचे लोग नदी के तट तक नहीं पहुंच सके। लोगों को नदी से काफी दूर शवदाह करना पड़ा। रामगंगा नदी से बनी लिफ्ट पेयजल योजना के टैंक का निचला हिस्सा भी नदी में डूब गया है। नदी में ओर पानी बढ़ने पर टैंक के लिए खतरा हो सकता है।

Edited By: Jagran