संवाद सूत्र, बेरीनाग: 1.46 करोड़ की लागत से बना राजीव गांधी अभिनव विद्यालय भवन पेयजल संयोजन के अभाव में हस्तांतरित नहीं हो पा रहा है। बगैर हस्तांतरण के ही भवन में रह रहे विद्यार्थियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बेरीनाग में गरीब परिवारों के बच्चों के बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से पिछली सरकार ने राजीव गांधी अभिनव विद्यालय स्वीकृत किया था। भवन निर्माण के लिए 1.46 करोड़ की धनराशि भी स्वीकृत की गई। चार वर्ष के लंबे अंतराल में भवन का निर्माण पूरा हो पाया, लेकिन इसके बाद भी भवन में पेयजल संयोजन नहीं लग सका है। जिसके चलते भवन हस्तांतरण का कार्य लटका हुआ है। पेयजल संयोजन के लिए धनराशि भी उपलब्ध है, लेकिन बेरीनाग में पहले ही पेयजल का गंभीर संकट है नगर के लोगों को चार-चार दिन में पानी मिल पा रहा है, जबकि भवन में 24 घंटे पानी की उपलब्धता अनिवार्य है। पेयजल समस्या को देखते हुए भवन में संयोजन नहीं हो पा रहा है। बेरीनाग के लिए नई पेयजल योजना का निर्माण चल रहा है। करीब 13 करोड़ की लागत से बन रही पेयजल योजना का काम धीमी गति से चल रहा है। चार वर्षो से चल रहा योजना का काम अगले वर्ष ही पूरा होने की उम्मीद है। फिलहाल भवन का हस्तांतरण हुए बगैर ही बच्चों को कक्ष आवंटित कर दिए गए हैं। बच्चे आस-पास के क्षेत्रों से पानी जुटाकर अपनी जरू रत पूरी कर रहे हैं। पूर्व विधायक नारायण राम आर्य ने अभी तक विद्यालय भवन में पेयजल संयोजन नहीं दिए जाने पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार को गरीब बच्चों की शिक्षा की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने अविलंब विद्यालय भवन में पेयजल संयोजन जोड़े जाने की मांग की है।

Posted By: Jagran