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धारचूला हाईवे पर चीन सीमा तक सड़क बहाल, कूलागाड़ बेली ब्रिज निर्माण जारी, तीन घाटियों के लोगों को मिली राहत

Published: Wed, 16 Sep 2026 10:25 PM (IST)

धारचूला हाईवे पर कूलागाड़ से चीन सीमा तक सड़क संपर्क बहाल हो गया है, जिससे व्यास और दारमा घाटी सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे लोगों को राहत मिली है।

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HighLights

  1. धारचूला हाईवे पर चीन सीमा तक सड़क संपर्क बहाल हुआ।

  2. कूलागाड़ में बेली ब्रिज निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है।

  3. तवाघाट और दोबाट में भूस्खलन के बाद मार्ग खोले गए।

जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। धारचूला हाईवे में कूलागाड़ से लेकर चीन सीमा तक सड़क सम्पर्क बहाल हो चुका है। गस्कू, तवाघाट और दोबाट में बंद मार्ग खोल दिया गया है। मार्ग खुलते ही कूलागाड़ से व्यास घाटी में लिपुलेख तक और दारमा घाटी में तिदांग तक वाहन संचालन होने लगा है।

वाहन संचालन होने से विगत पांच दिनों से उच्च हिमालयी घाटियों में फंसे लोगों का धारचूला आना आरंभ हो चुका है। वहीं, पिथौरागढ़-तवाघाट हाईवे पर मंगलवार की सुबह तवाघाट के पास चट्‌टान टूट कर गिरी तो दोपहर बाद धारचूला से लगभग पांच किमी दूर दोबाट से आगे बिना वर्षा के ही पहाड़ दरकने से मार्ग बंद हो गया था, हाईवे घंटो तक बंद रहा।

बीआरओ द्वारा दोनों स्थानों पर मलबा हटाकर वाहन संचालन आरंभ हो गया। वहीं तवाघाट -गुंजी के बीच गस्कू ,मलघटिया के पास भी बीआरओ ने मंगलवार को मलबा , बोल्डर हटा कर मार्ग यातायात के लिए खोल दिया है। इसी के साथ चीन सीमा का संपर्क बहाल हो गया है। घारचूला से कूलागाड़ तक वाहन चल रहे है।कूलागाड़ के पास गार्डरों से पैदल चल कर दूसरी तरफ पहुंच कर लोग वाहनों से अपने गंतव्य को जा रहे हैँ।

कूलागाड़ में बेली ब्रिज निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। बेली ब्रिज में मंगलवार दोपहर तक दस फीट के दस स्लैब पड़ चुके थे और लगभग सौ फीट पुल तैयार हो चुका है। मौसम के अनुकूल हाेने के चलते कार्य ने गति पकड़ी है। उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने राजस्व टीम के साथ पुल निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।

सोमवार सायं बेली ब्रिज के अपाटमेंट तक कुछ बोल्डर गिरे थे । कार्य कर रहे मजदूरों को भागना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ पर अटके बोल्डर हटाने आवश्यक हैं। स्थानीय समाज सेवी केशर सिंह धामी का कहना है कि पहले बोल्डर हटाए जाते तब ठीक होता ।

सीमांत क्षेत्र में तीन दिनों से ठप पड़े आदि कैलास यात्रा मार्ग पर मंगलवार को आखिरकार जिंदगी की रफ्तार लौट आई। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने अथक प्रयासों के बाद तवाघाट से घटियाबगड़ तक के महत्वपूर्ण मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारू कर दिया है।

भूस्खलन से तांकुल में दो परिवार खतरे में, बंगापानी के देवलेक तोक मे भारी भूस्खलन

धारचूला तहसील के ताकुल गांव स्थित मल्ला घट्टाबगड़ तोक में अतिवृष्टि से दो परिवारों पर भारी संकट गहरा गया है। यहां भूधंसाव के चलते मूंगा देवी और कमला देवी के आवासीय मकानों का आंगन पूरी तरह जमींदोज हो चुका है। आंगन ढहने से दोनों मकानों की नींव पर सीधा खतरा मंडरा रहा है और वे कभी भी गिर सकते हैं।

दहशतजदा पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से फौरी सर्वे कर आर्थिक सहायता व सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है। वहीं बंगापानी तहसील क्षेत्र में हो रही भारी वर्षा से छोरीबगड़ और ऊचाई पर स्थित लुम्ती के देवलेक तोक में भारी भूस्खलन से कुछ परिवार खतरे में आ चुके हैं। रात को इस क्षेत्र में भारी वर्षा हो रही है। मंगलवार सायं को धारचूला, बंगापानी और डीडीहाट तहसील में वर्षा हो रही है।