संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़: लोक सभा चुनावों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी किए जाने वाले नोटिसों पर सवाल खड़े होने लगे हैं। राजनैतिक जीवन में सक्रिय ऐसे लोगों को भी नोटिस जारी किए गए हैं, जिनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं हैं। इसमें सत्त्ताधारी दल भाजपा के नेता भी शामिल हैं।

पूर्व में धारचूला विधानसभा के प्रभारी रह चुके भाजपा नेता जगत मर्तोलिया को तहसील प्रशासन ने दंड प्रक्रिया संहिता 111 के तहत नोटिस जारी किया है। इसके तहत उन्हें एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बंध पत्र और एक लाख रुपये का ही समाज के दो प्रतिष्ठित लोगों के बंध पत्र जमा करने को कहा है। मर्तोलिया ने उन्हें नोटिस जारी करने पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि इस तरह के नोटिस पुलिस में किसी तरह का मामला पंजीकृत होने पर जारी किए जाते हैं। उन्होंने पूछा है कि उन पर कौन सा मामला पुलिस में पंजीकृत है इसकी जानकारी उन्हें दी जाए। उन्होंने कहा कि वे पिछले 27 वर्षो से राजनीति में सक्रिय हैं और इससे पूर्व उन्हें कभी ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं हुआ है। भाजपा के तमाम कार्यकर्ताओं ने मर्तोलिया को नोटिस जारी किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम मुनस्यारी से मुलाकात की और राजनैतिक कार्यकर्ताओं को जारी किए गए नोटिस वापस लिए जाने की मांग की है।

मुनस्यारी के उपजिलाधिकारी आरसी गौतम ने बताया कि नोटिस केवल आपराधिक आधार पर ही जारी नहीं किए जाते हैं बल्कि कड़ी राजनैतिक प्रतिद्वंद्विता भी देखी जाती है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं।

Posted By: Jagran

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