धुमाकोट, पौड़ी गढ़वाल [जेएनएन]: सजा के डर से तेंदुए की खाल तस्करी में पकड़े गए एक व्यक्ति ने जहर खाकर जान दे दी। समन मिलने के बाद वह आठ मार्च की सुबह अदालत जाने के लिए घर से से निकला था। पुलिस के अनुसार परिजनों ने बताया कि समन मिलने के बाद से काफी परेशान था।

पौड़ी जिले के दूरस्थ क्षेत्र धूमाकोट के पास ग्राम बाडाडांडा निवासी किशन सिंह और उसका पुत्र सुनील इसी साल जनवरी में तेंदुए की खाल की तस्करी में गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस, एसओजी व कार्बेट टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने उन्हें दो अन्य लोगों के साथ पकड़ा था। 

धुमाकोट थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह कठैत ने बताया कि पिता-पुत्र इन दिनों जमानत पर थे। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों पुलिस ने जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इसके बाद पिता-पुत्र के नाम अदालत से समन जारी किए गए। 

समन के अनुसार दोनों को आठ मार्च को नैनीताल जिले में रामनगर की अदालत में पेश होना था। थाना प्रभारी के अनुसार आठ मार्च को सुनील अदालत जाने के लिए घर से पहले निकल गया और किशन उसके आधा घंटे बाद रवाना हुआ। सुनील बस से रामनगर पहुंचा और बस स्टैंड पर पिता का इंतजार करने लगा। जब काफी देर हो गई तो उसने घर फोन कर पिता के बारे में पूछा। 

इधर नौ मार्च को पास के एक दूसरे गांव घोड़पल्ला के कुछ युवक मवेशी चरा रहे थे। उनकी नजर जंगल की ओर जाने वाले रास्ते में एक अचेत व्यक्ति पर पड़ी। सूचना पर ग्रामीण पहुंचे और उसे पहचान गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार उसने कीटनाशक पिया था। थाना प्रभारी ने बताया कि मौत का असल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर ही पता चलेगा, लेकिन परिजनों ने पूछताछ में बताया कि समन मिलने के बाद से ही वह परेशान था। संभवत: सजा के डर से उसने यह कदम उठाया।

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Posted By: Sunil Negi

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