जागरण संवाददाता, कोटद्वार: लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज में पौधारोपण के लिए गड्ढ़े खोदने गए दो वन कर्मियों से मारपीट का मामला प्रकाश में आया है। वनरक्षक की ओर से पुलिस में तहरीर दी गई है। उधर, वन गुर्जर की ओर से वन कर्मियों पर मारपीट करने व महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी गई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

लैंसडौन वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अखिलेश तिवारी ने बताया कि शनिवार शाम कोटद्वार रेंज के वन दरोगा धीरेंद्र व वन रक्षक महेंद्र टम्टा सुखरो खाम क्षेत्र में पौधारोपण के लिए गड्ढ़े खुदवाने का कार्य कर रहे थे। बताया कि इसी दौरान एक वन गुर्जर आठ-दस लोगों को लेकर मौके पर पहुंचा और विरोध करना शुरू कर दिया। गुर्जर का कहना था कि जिस स्थान पर पौधारोपण के लिए गड्ढ़े खोदे जा रहे हैं, उस स्थान पर वे अपना डेरा बनाते हैं। गुर्जर व उनके साथियों ने दोनों कर्मियों से गालीगलौच व मारपीट की। बताया कि वन कर्मियों से मिली सूचना के बाद विभाग की एसओजी टीम प्रभारी अनुराग जुयाल के नेतृत्व में टीम को मौके पर भेजा गया व दोनों कर्मियों को छुड़वाया गया। उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में महेंद्र टम्टा की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई है।

इधर, वन गुर्जर कासिम की ओर से कोतवाली में वन कर्मियों के खिलाफ तहरीर दी गई है। तहरीर में वन कर्मियों पर उनके साथ ही परिवार के सदस्यों से मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही वन कर्मियों पर महिलाओं से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया गया है। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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