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पौड़ी में आक्रोशित ग्रामीणों ने राजमार्ग किया जाम, वन विभाग ने दिया गुलदार को मारने का आदेश

Published: Sat, 27 Jun 2026 07:13 PM (IST)

पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा में गुलदार के हमले में 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने राजमार्ग ...और पढ़ें

पौड़ी के सल्ड महादेव के समीप शनिवार को बुवाखाल-रामगनर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाते ग्रामीण। जागरण

पौड़ी के सल्ड महादेव के समीप शनिवार को बुवाखाल-रामगनर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाते ग्रामीण। जागरण

HighLights

  1. पौड़ी में गुलदार के हमले में महिला की मौत

  2. ग्रामीणों ने राजमार्ग जाम कर की गुलदार को मारने की मांग

  3. वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश दिए

संवाद सूत्र, धुमाकोट (पौड़ी)। पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा विकासखंड की ग्रामसभा सत्खोलू के तोक बणासी तल्ली में शनिवार को गुलदार के हमले में एक महिला की मौत हो गई।

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सल्ड महादेव के समीप बुवाखाल-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने की मांग की।

देर शाम वन विभाग की ओर से गुलदार को मारने के आदेश जारी किए जाने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला और शव का पोस्टमार्टम होने दिया।

घटना शनिवार की सुबह करीब 10:30 बजे की है। बणासी तल्ली निवासी सुशीला देवी (65) पत्नी स्वर्गीय अनूप सिंह गांव की अन्य महिलाओं के साथ जंगल में घास लेने गई थीं।

इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। साथ गई महिलाओं ने शोर मचाकर गुलदार को भगाने का प्रयास किया, लेकिन वह सुशीला देवी को झाड़ियों में घसीट ले गया। सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और झाड़ियों से उनका शव बरामद किया।

घटना की सूचना पर विधायक दिलीप रावत ने वन विभाग के अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजने के निर्देश दिए। क्षेत्र पंचायत प्रमुख प्रकीर्ण नेगी, राजेंद्र पटवाल, रेखा देवी, मनोज खर्कवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंचे।

ग्रामीणों ने शव अपने कब्जे में लेकर सल्ड महादेव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। धुमाकोट थाना पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण गुलदार को आदमखोर घोषित कर शूट करने की मांग पर अड़े रहे।

वन विभाग द्वारा शाम को गुलदार को मारने के आदेश जारी किए जाने के बाद प्रशासन से वार्ता के उपरांत ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रविवार सुबह तक शिकारी दल नहीं पहुंचा तो दोबारा राजमार्ग जाम किया जाएगा।

ग्रामीणों ने बताया कि सुशीला देवी गांव में अकेली रहती थीं। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और वे अपने परिवार के साथ बाहर रहते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार के लगातार बढ़ते आतंक से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन से वार्ता के बाद शव का पोस्टमार्टम घटनास्थल पर ही कराया गया।

विधायक दिलीप रावत भी मौके पर पहुंचे और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग की।

गढ़वाल वन प्रभाग की दीवा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी सुभाष चंद्र घिल्डियाल ने बताया कि नैनीडांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने शव का पोस्टमार्टम कर दिया है।

विभाग की ओर से गुलदार को मारने के आदेश प्राप्त हो चुके हैं। श्रीनगर से शिकारी दल रवाना कर दिया गया है तथा घटनास्थल पर पिंजरा भी लगाया गया है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और अकेले जंगल न जाने की अपील की।

इस बीच ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, धीरेन्द्र प्रताप, जंग बहादुर सिंह नेगी, दीपक रावत और यूकेडी नेता कुलदीप रावत सहित अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा के प्रभावी उपाय करने की मांग की।

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