उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल की बदल रही है आवाज, गढ़वाल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की शोध रिपोर्ट
मानवीय हस्तक्षेप के कारण उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल की आवाज बदल रही है और उसका प्राकृतिक आवास सिकुड़ रहा ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
मानवीय हस्तक्षेप से मोनाल की आवाज बदल रही है।
प्राकृतिक आवास सिकुड़ रहा, प्रजनन काल प्रभावित।
गढ़वाल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया शोध।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल। हिमालय के बुग्यालों में बढ़ता मानवीय हस्तक्षेप पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित कर रहा है। इससे पक्षी व अन्य जीव-जंतु भी अछूते नहीं हैं। इसका प्रमाण है उत्तराखंड का राज्य पक्षी मोनाल।
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीन विज्ञानियों ने रुद्रप्रयाग के चोपता-तुंगनाथ क्षेत्र से लेकर मध्यमेश्वर तक किए अध्ययन में पाया कि बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप और नष्ट होती बुग्याली घास के कारण मोनाल की आवाज बदल रही है। साथ ही उसका प्राकृतिक आवास क्षेत्र सिकुड़ रहा है और प्रजनन काल भी प्रभावित हो रहा है।
