उत्तराखंड के सतपुली में मकान पर गिरा भारी मलबा, मासूम समेत दो की मौत; प्रशासन ने की आर्थिक मदद की घोषणा
उत्तराखंड के सतपुली में भारी बारिश के कारण एक मकान पर मलबा गिरने से मासूम समेत दो लोगों की मौत ...और पढ़ें

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संवाद सूत्र, सतपुली। विकासखंड द्वारीखाल के अंतर्गत ग्राम महरगांव में मंगलवार सुबह हुए एक आवास के ऊपर मलबा गिरने से आवास क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के दौरान एक बुजुर्ग महिला, उनका पुत्र व नाती मलबे में दब गए। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीमों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
समाचार लिखे जाने तक मलबे से बच्चे और बुजुर्ग महिला का शव बरामद कर दिया गया। एक अन्य की तलाश जारी है। प्रशासन ने मृतकों के स्वजनों को चार-चार लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
घटना सुबह करीब सात बजे की है। ग्राम मेहरगांव निवासी मथुरा देवी (70 वर्ष) पत्नी प्रताप सिंह अपने पुत्र धीरेंद्र सिंह (46 वर्ष) के साथ रसोई में बैठी हुई थी। जबकि उनकी बहू बिंदेश्वरी देवी दूसरे कमरे में थी।
इसी दौरान मथुरा देवी के बड़े पुत्र सतेंद्र की पुत्री रजनी गुसाई का दो वर्षीय पुत्र रुद्रांश रसोई की देहरी पर पहुंचा। तभी अचानक पहाड़ी से बड़ी तादाद में मलबा व एक बड़ा पेड़ मकान के ऊपर आ गिरा और देखते ही देखते मकान जमींदोज हो गया।
मकान के गिरते ही ग्रामीण बचाव कार्य में जुट गए। ग्रामीणों की तत्परता के चलते गले तक मलबे में दबी बिंदेश्वरी देवी को सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया। जबकि रुद्रांश, मथुरा देवी व धीरेंद्र का कहीं पता नहीं चल पाया।
सूचना मिलने के बाद प्रशासन के साथ ही लैंसडौन कोतवाली व सतपुली थाने से पुलिस व एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किए। टीम को मकान की देहरी पर ही दो-वर्षीय रुद्रांश का शव मिल गया। समाचार लिखे जाने तक धीरेंद्र सिंह की तलाश जारी थी।
इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद शाम के वक्त जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मृतक के स्वजनों को चार-चार लाख का मुआवजा देने की बात कही।
रसोई की छत गिरने से महिला गंभीर
द्वारीखाल विकासखंड के ग्राम बैरगांव में मंगलवार सुबह वर्षा के दौरान एक रसोई की छत गिरने से एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। बैरगांव निवासी सुशीला देवी (60 वर्ष) पत्नी कोमल सिंह अपनी रसोई में खाना बना रही थी। इसी दौरान रसोई की छत गिरने से वह घायल हो गई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की सहायता से घायल महिला को उपचार हेतु हंस फाउंडेशन अस्पताल सतपुली भिजवाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कोटद्वार रेफर कर दिया गया।
