संवाद सहयोगी, कोटद्वार : राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्ववित्तपोषित बीएड विभाग की ओर से आयोजित अभिव्यक्ति कार्यक्रम में प्रभावी शिक्षक बनने के लिए अनुशासन को महत्वपूर्ण बताया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर सभी को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत शैक्षिक सत्र 2019-20 की आख्या प्रस्तुत की गई। वहीं, मुख्य अतिथि प्राचार्या डॉ. जानकी पंवार ने मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। बीएड प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की ओर से बनाए गए यह प्रशस्ति-पत्र सभी के आकर्षण का केंद्र रहे। पुरातन छात्रा आयशा व कंचन हिदवाण ने बीएड के अनुभव साझा किए। प्राचार्या ने कहा कि प्रभावी शिक्षक बनने के लिए अनुशासन एवं आत्मविश्वास का होना बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी जीवन में छात्र-छात्राओं को अनुशासन में रहकर अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को पूर्ण लगन के साथ शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. हरीश कुमार, रश्मि बहुखंडी, बीएड छात्र परिषद के सचिव सौरव पांडेय, डॉ. संदीप किमोठी, अनिल कुमार, दयाकिशन जोशी, शेखर चंद्र, अमित कुमार, सुषमा थलेड़ी व हितेंद्र विश्नोई आदि मौजूद रहे। संचालन अंबिका व तनुजा ने किया।

Posted By: Jagran

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