जागरण टीम, गढ़वाल : शिक्षक संघों के साथ ही मिनिस्टीरियल कर्मचारी संगठन ने एक वर्ष तक प्रतिमाह एक दिन के वेतन कटौती के सरकार के फैसले का विरोध किया है। साथ ही सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है। कहा कि जनप्रतिनिधियों के वेतन से कटौती करने में सरकार के पसीने छूट रहे हैं, जबकि सरकारी कर्मचारियों के मामले में सरकार मनमाने फैसले ले रही है।

कोटद्वार : उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में संघ के जिला मंत्री दीपक नेगी ने कहा कि कोरोना संकट में सभी संवर्गों के शिक्षक-कर्मचारी अपने-अपने स्तर व विभागीय आदेशानुसार विभिन्न स्तरों पर इस महामारी के रोकथाम के लिए कार्य कर रहे हैं। वहीं, शिक्षकों ने एक दिन का वेतन पूर्व में ही स्वेच्छा से मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कर दिया था। इसके बावजूद शिक्षकों का एक दिन का वेतन फरवरी 2020 से मार्च 2021 तक कटौती करना न्याय संगत नहीं है। कहा कि इस फैसले का संगठन विरोध करता है। जरुरत पड़ने पर संगठन न्यायालय की शरण में भी जाएगा। बैठक में दीपक नेगी, चंद्रमोहन रावत, संजय धस्माना, विमल रावत, विपुल भंडारी, दीपक व जगदीश राठी आदि मौजूद रहे।

पौड़ी : मिनिस्टीरियल कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जल्द इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है। जिलाध्यक्ष रेवतीनंदन डंगवाल, जिला महामंत्री संजय नेगी ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के बजाय ऐसे निर्णय लेकर कर्मचारियों के मनोबल को तोड़ने का प्रयास कर रही है।

रुद्रप्रयाग : राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व मंडलीय मंत्री गढ़वाल शिव सिंह नेगी ने कहा कि शिक्षक सदैव सरकार के हर निर्णय के साथ ²ढ़ता से खडे़ रहे हैं। लेकिन, वर्षभर तक हर माह एक दिन का वेतन कटौती निश्चित रूप से शिक्षकों का उत्पीड़न है।

Posted By: Jagran

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