संवाद सहयोगी, कोटद्वार

भाबर के सिडकुल ग्रोथ सेंटर स्थित एक इलेक्ट्रानिक कंपनी के करीब तीन सौ कर्मियों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। हड़ताली कर्मियों ने कंपनी के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकर कल्याण बोर्ड के दो सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर कर्मियों से वार्ता की व श्रम विभाग अधिकारियों को मामले को निस्तारित करने के निर्देश दिए। श्रम विभाग की ओर से कर्मियों के आरोपों की जांच को दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।

मंगलवार को कंपनी के करीब तीन सौ श्रमिकों ने फैक्ट्री गेट पर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया कि फैक्ट्री में श्रमिकों से माह में मात्र 20 दिन ही काम लिया जाता है, जबकि बस का किराया उनसे पूरे महीने का वसूला जाता है। कहा कि बीते दस साल से फैक्ट्री में काम कर रहे श्रमिकों का अब तक वेतन नहीं बढ़ाया गया, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कहा कि जब इस संबंध में श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन से वार्ता की तो वह श्रमिकों के साथ र्दुव्यहार करने लगे।

इधर, श्रमिकों के आंदोलन के मद्देनजर उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के विपिन कोटनाला व शशिबाला केष्टवाल ने मौके पर पहुंच हड़ताली कर्मियों से वार्ता की व श्रम विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश देते हुए समस्याओं के निस्तारण को कहा।

इधर, श्रम विभाग के सहायक श्रम आयुक्त केके गुप्ता ने बताया कि श्रमिकों के आरोपों की जांच के लिए श्रम प्रवर्तन अधिकारी भगवती प्रसाद जुयाल (हरिद्वार) व अश्विनी कुमार (कोटद्वार) की टीम गठित की गई है। बताया कि टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।

Posted By: Jagran