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प्रभावितों ने नैथाणा में रुकवाया निर्माण कार्य

बुधवार को नैथाणा में प्रस्तावित रेलवे स्टेशन तक सड़क निर्माण शुरू होना था। इसके लिए पोकलैंड मशीन ने खेतों से मिट्टी हटाने का काम भी शुरू कर दिया था।

By JagranEdited By: Published: Wed, 13 Feb 2019 06:38 PM (IST)Updated: Wed, 13 Feb 2019 06:38 PM (IST)
प्रभावितों ने नैथाणा में रुकवाया निर्माण कार्य
प्रभावितों ने नैथाणा में रुकवाया निर्माण कार्य

जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल:

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बुधवार को नैथाणा में प्रस्तावित रेलवे स्टेशन तक सड़क निर्माण शुरू होना था। इसके लिए पोकलैंड मशीन ने खेतों से मिट्टी हटाने का काम भी शुरू कर दिया था। लेकिन, इस बीच क्षेत्रीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि 22 प्रभावित परिवारों को अबतक उनके खेतों का मुआवजा नहीं मिल पाया है।

बता दें कि चौरास क्षेत्र के नैथाणा में ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक प्रस्तावित रेल लाइन के तहत स्टेशन का निर्माण होना है। इसके लिए रेल विकास निगम ने नैथाणा से रानीहाट तक लगभग 1100 नाली खेतों को अधिग्रहित किया गया है। इसमें नैथाणा की आठ और रानीहाट की चार हेक्टेयर भूमि शामिल है। क्षेत्रीय ग्रामीण हरेंद्र ¨सह मंद्रवाल, मंगल ¨सह मंद्रवाल, प्रेम ¨सह मंद्रवाल के साथ ही नैथाणा के प्रधान प्रजापति शाह और रानीहाट के प्रधान संजय रावत ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। हरेंद्र ¨सह मंद्रवाल ने कहा कि खेतों में गेहूं और सरसों की फसल लहलहा रही है। पोकलैंड मशीन ने अचानक खेतों में पहुंचकर फसल बर्बाद करना शुरू कर दिया। कहा कि रेल विकास निगम ने अबतक उन्हें न तो मुआवजा दिया है और न ही प्रभावित परिवारों के लिए रोजगार की कोई व्यवस्था की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि निर्माण कार्यों को लेकर पहले से बता दिया जाता तो ग्रामीण पैसे खर्चकर खेतों में बुआई नहीं करते। कहा कि लगभग 20-25 बड़े-बड़े आवास भी जमींदोज हो जाएंगे, लेकिन उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मुआवजे का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया तो वह किसी भी स्थिति में निर्माण कार्य शुरू नहीं होने देंगे। इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी टिहरी और रेल विकास निगम के महाप्रबंधक को ज्ञापन भी दिया। दूसरी ओर पटवारी राय ¨सह ने कहा कि कुछ प्रभावितों के संबंधित प्रपत्र पूरे नहीं हैं। वहीं कुछ मामले विवादित होने से उनके मुआवजे का भुगतान नहीं हो पाया है। शेष भुगतान कर दिए गए हैं।


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