संवाद सूत्र, कीर्तिनगर: श्रीनगर जलविद्युत परियोजना की निर्माणदायी कंपनी के खिलाफ परियोजना प्रभावितों का धरना-प्रदर्शन और अनशन रविवार को भी रामलीला मैदान में जारी रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर का आमरण अनशन 33 वें दिन भी रविवार को जारी रहा। प्रभावितों ने अनशनस्थल पर देवप्रयाग विधायक का पुतला फूंककर आक्रोश भी व्यक्त किया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि जो भी नेता आंदोलन को भटकाने की कोशिश करेगा, उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सुनीता पांडे ने क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वह प्रभावितों को गुमराह कर रहे हैं। चौरास के सतीश थपलियाल ने कहा कि सफेद लिबास में छिपे काले मन वाले नेताओं का हर कार्यक्रम और हर जगह बहिष्कार करना होगा। सोहन लाल शाह ने कहा कि आंदोलन को दबाने की जितनी कोशिश की जाएगी, आंदोलन उतना ही उग्र होगा। अन्य वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन को लेकर अब कुछ लोग सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहें भी फैला रहे हैं। स्वीत लगा चोपड़ा संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्याम ¨सह रावत ने कहा कि कंपनी के इशारों पर नाचने वाले नेताओं की अब खैर नहीं। जब तक परियोजना की निर्माणदायी कंपनी प्रभावितों की 18 मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने पर नरेंद्र ¨सह पुंडीर, महादेव रतूड़ी, मोहनलाल शाह, सरोजनी देवी, रामेश्वरी देवी, विमला देवी, पुष्पा थपलियाल, वीरा देवी, अंजनी पांडे, दीपा देवी, राजेश्वरी देवी, भागेश्वरी देवी, वरदेई, कुसुम देवी आदि धरने पर बैठी।

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