कोटद्वार, जेएनएन। बहुचर्चित अधिवक्ता रघुवंशी हत्याकांड का एसआइटी ने पर्दाफाश कर दिया है। षडयंत्र में शामिल दो प्रॉपर्टी डीलर और एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले दो शूटरों की तलाश में पुलिस टीम उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में दबिश दे रही है। 

मामला 13 सितंबर 2017 का है। जब बाइक सवार दो बदमाशों ने अधिवक्ता सुशील रघुवंशी की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह बीईएल रोड रतनपुर सुखरौ स्थित अपने घर से कोर्ट जा रहे थे। घायल अधिवक्ता को कोटद्वार के सरकारी अस्पताल लाया गया था, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया था। हालांकि अधिवक्ता ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। 

मरने से पहले अधिवक्ता सुशील रघुवंशी ने प्रॉपर्टी डीलर विनोद कुमार गर्ग पर हमला कराने का शक जताया था। इसी शक के आधार पर एसआइटी ने विनोद कुमार गर्ग पर शिकंजा कस दिया। पुष्टि होने पर रविवार को कोटद्वार के गोविंदनगर निवासी विनोद कुमार गर्ग उर्फ विनोद लाला पुत्र मूलचंद्र को सुबह घर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह कुंवर ने पत्रकार वार्ता में पूरी घटना का खुलासा कर दिया। एसएसपी ने बताया कि अधिवक्ता रघुवंशी की हत्या एससी-एसटी की जमीनों की खरीद फरोख्त में लगाई गई आपत्तियों के कारण की गई थी। 

जांच में सामने आया कि रघुवंशी की हत्या का षडयंत्र दो प्रॉपर्टी डीलरों ने शातिर बदमाश रूपेश त्यागी के साथ मिलकर रचा था। रुपेश ने बदमाश सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी से संपर्क कर शूटरों के साथ ही बाइक और पिस्टल उपलब्ध कराने को कहा था। सुरेंद्र ने अपने भांजे अमित नेगी व अमित मखियाली से संपर्क कर शूटर उपलब्ध कराए थे। मामले में साजिशकर्ता गोविंदनगर निवासी विनोद कुमार गर्ग उर्फ विनोद लाला पुत्र मूलचंद्र, हररिसिंहपुर निवासी सर्वेश्वर प्रसाद पुत्र स्व. भारत सिंह और सतपुली अस्वालस्यूं पट्टी के ग्राम गोकुल निवासी सुरेंद्र नेगी उर्फ सूरी पुत्र गणपत सिंह को उनके घरों से गिरफ्तार किया है। एसएसपी ने बताया कि अन्य आरोपितों को बहुत जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। हत्या सहित विभिन्न आपराधिक मामलों में अल्मोड़ा जेल में बंद रुपेश की कस्टडी रिमांड लेकर मामले की तह तक पहुंचा जाएगा।

शूटर पहले भी आए थे मारने

एसएसपी के अनुसार, घटना को अंजाम देने के लिए शूटर सितंबर में ही दो बार कोटद्वार पहुंचे थे, लेकिन अधिवक्ता रघुवंशी के एक बार पिथौरागढ़ और दूसरी बार दिल्ली में होने से जान बच गई थी। 

सुमित और फूलन देवी हत्याकांड में भी शामिल था सुरेंद्र 

अधिवक्ता रघुवंशी की हत्या के षड्यंत्र में गिरफ्तार सतपुली अस्वालस्यू पट्टी ग्राम गोकुल निवासी सुरेंद्र नेगी उर्फ  सूरी मार्च 2015 में हुए सुमित हत्याकांड में भी शामिल था। सुरेंद्र फूलन देवी हत्याकांड में भी जेल जा चुका है और 12 साल तक की सजा काटकर 2013 में तिहाड़ जेल से रिहा हुआ था। 

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Posted By: Raksha Panthari

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