जागरण टीम, गढ़वाल: वेतन भत्ते और पदोन्नति समेत कई मांगों को लेकर चल रहा अधिकारियों और कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। इससे कार्यालयों में तो काम ठप रहा ही साथ ही जरूरी काम न होने से लोगों को खासी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। आक्रोशित कार्मिकों का कहना है कि सरकार की ओर से शीघ्र उनकी मांगें नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

मंगलवार को कोटद्वार में अधिकारी- कर्मचारी समन्वय मंच के आह्वान पर उत्तरांचल फॉरेस्ट मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन की कोटद्वार इकाई ने कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। यही हाल रुद्रप्रयाग में भी रहा कार्मिकों ने मांग पूरी न होने पर आगामी 22 जून को देहरादून में विशाल रैली करने का निर्णय लिया। उधर, उत्तरकाशी में लदाड़ी स्थित विकासभवन परिसर पर एकत्रित हुए कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया।

टिहरी में भी अधिकारी-कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर कर कार्यालय प्रांगण में एकत्रित हुए तथा मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। इस अवसर पर कर्मचारियों ने कहा कि कि वह लंबे समय से मांगों के निराकरण की मांग करते आ रहे हैं लेकिन उनकी मांगों पर अभी तक गौर नहीं किया गया है।

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ये हैं प्रमुख मांगे

-केंद्रीय कर्मियों के समान भत्ते दिए जाएं

- हर कर्मचारी को न्यू हैल्थ कार्ड की सुविधा मिले

-सेवाकाल के दौरान कार्मिकों को तीन पदोन्नति दी जाए

-अर्हकारी सेवा में शिथिलिकरण की पूर्ववर्ती व्यवस्था लागू रहे

- एक अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त कार्मिकों को पुरानी पेंशन व्यवस्था जारी रहे

- स्थानांतरण अधिनियम में राज्य के कार्मिकों को सेवानिवृति के अंतिम वर्ष में उसके एच्छिक स्थान पर अनिवार्य रूप से स्थानांतरण दिया जाए

Posted By: Jagran