संवाद सहयोगी, पौड़ी : विकासखंड कल्जीखाल में ग्राम पंचायत थैर के संस्थागत क्वारंटाइन केंद्र से प्रवासियों के बिना सूचना के घर लौटने का मामला प्रकाश में आया है। घर लौटे प्रवासियों ने क्वारंटाइन केंद्र पर अव्यवस्थाओं की बात कही है। वहीं प्रशासन व ग्राम पंचायत इस पूरे मामले से बेखबर है।

ग्राम पंचायत थैर स्थित राउमावि कोटागढ़ में संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। इस सेंटर में पंचायत के करीब 25 प्रवासी ग्रामीण क्वारंटाइन हो रहे थे। लेकिन, अचानक एक-एक कर क्वारंटाइन रहे सभी प्रवासी ग्रामीण घरों को लौट गए हैं। जिससे कोरोना महामारी के संक्रमण को लेकर ग्रामीणों में डर व आक्रोश बढ़ गया है। गढ़वाल विवि बिड़ला परिसर के पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष मंजीत सिंह रावत ने बताया कि पंचायत के क्वारंटाइन सेंटर में दिल्ली, गुरुग्राम, हैदराबाद, देहरादून आदि क्षेत्रों से लौटे प्रवासी क्वारंटाइन थे। जो क्वारंटाइन अवधि पूर्ण किए बिना ही घर लौट गए हैं। मंजीत ने बताया कि प्रवासी सेंटर छोड़ने के पीछे केंद्र पर अव्यवस्था व रात में पत्थरबाजी, लाइट काटे जाने जैसे कारण बता रहे हैं। ग्रामीण बलवंत सिंह नेगी ने कहा कि प्रवासियों के घरों को लौटने से ग्रामीणों में कोरोना संक्रमण फैलने का भय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रवासी बिना डॉक्टरी जांच व क्वारंटाइन अवधि पूर्ण किए ही घरों को लौटे हैं। जो ग्रामीणों के जीवन के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने प्रशासन ने मामले में कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

हालांकि ग्राम प्रधान मुकेश कुमार का कहना है कि अधिकतर प्रवासी क्वारंटाइन अवधि पूरी कर चुके थे। सेंटर दूर होने के चलते दो परिवार ही अवधि पूर्ण किए बिना घर लौटे हैं। एसडीएम सदर अंशुल सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत थैर में संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर से प्रवासियों के घर जाने की जानकारी नहीं है। मामले की पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्वारंटाइन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Posted By: Jagran

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