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तीन मंजिल के नक्शे पर उत्तराखंड के इस हिल स्टेशन में बना 10 मंजिला होटल, अब चलेगा प्रशासन का बुलडोजर

Published: Wed, 28 Oct 2026 03:53 PM (IST)Updated: Wed, 28 Oct 2026 04:02 PM (IST)

पौड़ी जिले के जयहरीखाल में एक बहुमंजिला होटल के अवैध निर्माण पर शासन ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है। ...और पढ़ें

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मनोहर बिष्ट, पौड़ी। तीन मंजिल की अनुमति, आठ मंजिला होटल होने का दावा और निर्माण दस मंजिल तक निर्माण पहुंचने के आरोप! पौड़ी जिले के ब्लाक मुख्यालय जयहरीखाल में बने एक बहुमंजिला होटल की यह कहानी जिला पंचायत पौड़ी की कार्यप्रणाली और जिला प्रशासन की निगरानी तक पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

वर्ष 2022-24 में बने इस होटल के कथित अवैध निर्माण पर अब शासन ने ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है। पंचायतीराज निदेशक उत्तराखंड निधि यादव ने इसकी पुष्टि की है।

सवाल यह है कि यदि निर्माण स्वीकृत नक्शे से आगे बढ़ा, तो जिम्मेदार तंत्र की नजर इतने बड़े निर्माण पर क्यों नहीं पड़ी? अब शासन के आदेश के बाद होटल पर प्रशासन बुलडोजर चलेगा। यह मामला केवल एक होटल के अवैध निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि निगरानी और जवाबदेही की परीक्षा की कसौटी साबित होगा।

जयहरीखाल में वर्ष 2022 में निर्माण कार्य शुरु हुआ

जिले के गुमखाल लैंसडौन मोटर मार्ग पर जयहरीखाल में वर्ष 2022 में निर्माण कार्य शुरु हुआ। 2025 में निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद उद्घाटन हुआ था। लेकिन होटल के पहाड़ में स्वीकृत या शासन के निर्देशानुसार अनुमन्य ऊंचाई से अधिक ऊंचा बनाए जाने और निर्माण को लेकर समुचित मानकों का अनुपालन नहीं किए जाने को लेकर विवाद सामने आया है।

ग्राम बड़खोलू निवासी वरिष्ठ नागरिक मदन मोहन ने आरोप लगाया कि जयहरीखाल में मानकों के विपरीत दस मंजिला होटल का निर्माण किया गया है। जिसका नक्शा गलत रुप से स्वीकृत है। छह मंजिल निर्माण के बाद जनवरी 2024 में होटल का नक्शा स्वीकृत किया गया था। जबकि जिला पंचायत पौड़ी के तत्कालीन एएमए द्वारा गठित पांच सदस्यीय कमेटी द्वारा अगस्त 2023 में भवन के छह मंजिल निर्माण को निरीक्षण आंख्या में स्पष्ट कर दिया था।

उसके बाद भवन निर्माण को स्वीकृति देना मानकों के विपरीत है। बताया कि प्रकरण को लेकर फरवरी 2025 में इस कथित अवैध होटल निर्माण को लेकर जिला प्रशासन पौड़ी से शिकायत की गई थी।जिला प्रशासन ने मार्च 2025 में होटल को सील कर दिया था। लेकिन मई 2025 में जिला पंचायत पौड़ी के तत्कालीन एएमए द्वारा होटल को तीन मंजिल के संचालन की स्वीकृति के साथ खोल दिया था। जबकि मजिस्ट्रेट की इजाजत के बिना सील बंद होटल नहीं खोला जा सकता था।

उन्होंने आरोप लगाया कि संचालन का आदेश तीन मंजिल का है। वरिष्ठ नागरिक मदन मोहन ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यटन विभाग पौड़ी व फायर यूनिट पौड़ी के निरीक्षण के दौरान होटल पूरा संचालित पाया गया। बताया कि अगस्त 2025 में शासन में की गई शिकायत में पुन: सील किए जाने की मांग की गई है। बताया कि शासन के निर्देश पर डीएम पौड़ी ने सीडीओ पौड़ी को जांच अधिकारी नामित किया था। बड़खोलू के वरिष्ठ नागरिक मदन मोहन का दावा है कि होटल स्वामी ने मेरी 160 वर्ग मीटर भूमि अवैध रुप से दबाई है।

मानकों के अनुरुप बनाया गया है आठ मंजिला होटल

पौड़ी: होटल स्वामी का दावा है कि होटल निर्माण पूरी तरह मानकों के अनुरुप बनाया गया है। होटल के दस मंजिल होने का आरोप बेबुनियाद है। होटल आठ मंजिला है। पहाड़ी ढ़ाल के मुताबिक संपूर्ण निर्माण कार्य किया गया है। बताया कि होटल 15 मीटर ऊंचा है। जो पूरी तरह स्वीकृत है।

बताया कि जिला विकास प्राधिकरण तहत अब यह क्षेत्र शामिल है। यहां भी आवेदन किया है। भूमि की पूरी नापजोख हुई है। संपूर्ण निर्माण कार्य खरीदी गई भूमि पर हुआ है। एक व्यक्ति द्वारा निराधार भूमि दबाए जाने का आरोप लगाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। वह व्यक्ति अपनी भूमि खरीदने का दबाव बनाने के लिए आरोप प्रत्यारोप लगा रहा है।

उन्होंने होटल के सभी मंजिल खोलने के दावे को पूरी तरह निराधार व बेबुनियाद बताया।कहा होटल का संचालन केवल तीन मंजिल तक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन का आदेश अभी भौतिक रुप में नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद शासन-प्रशासन से होटल निर्माण की यथा स्थिति का सही-सही आंकलन किए जाने की मांग की जाएगी। बावजूद इसके राहत नहीं मिलने पर अदालत की शरण ली जाएगी।

एसडीएम लैंसडौन ने निर्माण पर उठाए थे सवाल, भेजे थे नोटिस

पौड़ी: जयहरीखाल में बहुमंजिला होटल निर्माण को लेकर तत्कालीन एसडीएम लैंसडौन ने वर्ष 2023 में जिला पंचायत पौड़ी को नोटिस जारी किए थे। उन्होंने भवन निर्माण को लेकर नक्शा स्वीकृत नहीं होने सहित अन्य कारण स्पष्ट किए जाने के निर्देश दिए थे।

आरटीआई में भी नहीं मिली सीडीओ की जांच रिपोर्ट

पौड़ी बड़खोलू के वरिष्ठ नागरिक मदन मोहन का दावा है कि आरटीआई में भी सीडीओ की जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। शासन में अपील की गई। शासन से सीडीओ पौड़ी को निर्देश दिए गए हैं कि तत्काल रिपोर्ट दी जाय। लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।

पहाड़ में 10.5 मीटर या तीन तल तक हो सकता है निर्माण

पौड़ी: पहाड़ी अंचल में निर्माण कार्य को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं। जिला पंचायत पौड़ी के अभियंता ईश्वर चंद ने कहा कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में निजी या व्यावसायिक निर्माण को लेकर स्पष्ट शासनादेश है। बताया कि पहाड़ में भवन 10.5 मीटर ऊंचाई या अधिकत्तम तीन तल तक निर्मित किए जा सकते हैं।

जिले भर में बने हैं कई बहुमंजिला होटल

पौड़ी: जिले में मानकों को आधार माना जाय, तो जिले में यह केवल अकेला होटल नहीं है, जो बहुमंजिला बना है। जिले के लैंसडौन, यमकेश्वर, एकेश्वर, बीरोंखाल सहित अन्य क्षेत्रों में कई बहुमंजिला होटल बने हैं।

कठघरे में तत्कालीन एएमए व तदर्थ अभियंता की कार्यशैली

पौड़ी: जयहरीखाल में बने बहुमंजिला होटल के निर्माण कार्य व मानचित्र स्वीकृति को लेकर तत्कालीन एएमए व तदर्थ प्रभारी अभियंता की कार्यशैली कठघरे में आ गई है। हालांकि एएमए निलंबित चल रहे हैं। तदर्थ प्रभारी अभियंता नक्शा स्वीकृति सहित अन्य कारणों के चलते निलंबन झेल चुके हैं। इस दौरान वह उत्तरकाशी में तैनात हैं।

क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

भवन निर्माण से पहले उस भूमि की भू-गर्भीय जांच सबसे जरुरी है। खासतौर पर पहाड़ में भूमि की धारण क्षमता का आंकलन होना अति आवश्यक है। जोशीमठ में बहुमंजिला भवन से भू-धंसाव होने से आवासीय भवनों को क्षति इसके बड़े उदाहरण हैं। पहाड़ में व्यावसायिक भवनों के निर्माण में मानकों की खुली अनदेखी की जा रही है। जो आने वाले समय के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। सरकार व लोगों को यह सजग होने का समय है। पहाड़ में हमारे पूर्वजों के बनाए गए भवन यहां की धारण क्षमता व मौसम की अनुकूलता के प्रमाण है। लेकिन वर्तमान में भारी-भरकम निर्माण का दौर चिंताजनक स्थिति की ओर बढ़ रहा है। - प्रो. एमपीएस बिष्ट, भू-वैज्ञानिक, हेनब गढ़वाल विवि श्रीनगर गढ़वाल

जनपद पौड़ी के जयहरीखाल में मानकों के विपरीत बने बहुमंजिला होटल के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया है। प्रकरण में जिला प्रशासन पौड़ी को कार्रवाई किए जाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। - निधि यादव, निदेशक पंचायतीराज उत्तराखंड