संवाद सहयोगी, कोटद्वार: गर्मी का मौसम शुरू होते ही सरकारी अस्पताल में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी हैं। प्रतिदिन अस्पताल में 40 प्रतिशत से अधिक मरीज डायरिया से पीड़ित पहुंच रहे हैं। बीमारी की चपेट में आने वालों में सबसे अधिक बुजुर्ग व बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी कई अधिक है।

पिछले कुछ दिन से गर्मी लगातार अपने चरम पर पहुंच रही है। ऐसे में जलजनित रोग भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। यही कारण है कि सरकारी अस्पताल व निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. जेसी ध्यानी ने बताया कि बढ़ती गर्मी व दूषित पानी के कारण लोगों के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही है। डिहाईड्रेशन से उल्टी, दस्त डायरिया की शिकायत वाले मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। सरकारी अस्पताल में आने वाले सबसे अधिक मरीज काशीरामपुर, लकड़ीपड़ाव, देवी रोड व पटेल मार्ग क्षेत्र के हैं। काशीरामपुर क्षेत्र से मरीज के साथ पहुंचे मोहन सिंह ने बताया कि गर्मी शुरू होते ही क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति होने लगती है, जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। चिकित्सक लोगों को गर्मी के मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। डायरिया के लक्षण

उल्ट-दस्त लगातार आना, पेट दर्द, शरीर में ऐठन, जीभ व मुंह सुखना, जी मिचलना आदि डायरिया के लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। रोग से बचने के उपाय

- एक गिलास में दो चम्मच शक्कर और चुटकी भर नमक व नींबू रस की कुछ बूंदें मिलकार पीएं।

- दाल का पानी, चावल का मांड, दही, केला हल्की चाय व हल्का पाचन भोजन लें।

- डायरिया से बचाव के लिए पानी को उबालकर पीएं तला-भुना खाने से परहेज करें। पोष्टिक व स्वच्छ भोजन लें।

गर्मी के कारण डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। गंभीर मरीजों को उपचार के लिए चिकित्सालय में भर्ती किया जा रहा है। मरीजों को गर्मी में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

डॉ.जेसी ध्यानी, फिजिशियन, राजकीय संयु़क्त चिकित्सालय।

Posted By: Jagran

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